पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर
डाउनलोड करेंइमरान क़ुरैशी
बेंगलुरु से, बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए
ट्विटर पर इस्लामिक स्टेट का प्रचार करने के आरोप में बेंगलुरु से गिरफ़्तार 24 वर्षीय मेहदी मसरूर बिस्वास ने पश्चिम बंगाल से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी और इस समय बेंगलुरु में एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में काम कर रहे हैं.
शनिवार को जब पुलिस बेंगलुरु के उत्तरी इलाक़े में स्थित उनके एक कमरे के किराए के मकान में पहुंची तो पुलिस के अनुसार उन्होंने बिना किसी विरोध के स्वीकार कर लिया कि ट्विटर अकाउंट \'शामआईविटनेस\' वही चलाते हैं.
बेंगलुरु पुलिस के उपायुक्त (अपराध) अभिषेक गोयल ने बीबीसी को बताया, \"अभी तक जो जानकारी मिली है उससे लगता है कि वो स्वतः प्रेरित व्यक्ति हैं, जिसने इंटरनेट पर इस्लाम, इराक़ में इस्लामिक स्टेट, इसराइल, ग़ज़ा, सीरिया, मिस्र आदि के बारे में बहुत कुछ पढ़ रखा है.\"
फ़ॉलोवर्सचैनल फ़ोर ने मेहदी को चिह्नित किया और उन्हें प्रचारक बताया है. हालांकि, मेहदी अरबी नहीं जानते हैं और उन्होंने गूगल से अनुवाद के मार्फ़त सीरिया और उसके आस-पास के इलाक़े के बारे में 2003 से ही काफ़ी जानकारी हासिल की.
मेहदी ने धीरे-धीरे इस्लामिक स्टेट के बारे में ट्वीट करना शुरू किया.
गोयल बताते हैं, \"ट्विटर पर उन्हें इतने फ़ॉलोवर मिल गए कि वो इस वर्चुअल दुनिया की एक प्रमुख शख़्सियत बन गए.\"
उनके ट्विटर पर 17,000 से अधिक फ़ॉलोवर्स में आईएस के विरोधी और कुछ मीडिया संस्थान भी थे जो मेहदी के ट्वीट से ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए फ़ॉलोवर बने थे.
पुलिस अधिकारी कहते हैं, \"लेकिन, मेहदी का ध्यान भारत पर केंद्रित नहीं था. वो शिया-सुन्नी संघर्ष, फ़लस्तीन, आईएस व अमरीका और मिस्र के उभार के बारे में अधिक चिंतित थे और इस इलाक़े में हो रहे घटनाक्रमों से प्रेरित हुए थे.\"
पुलिस अभी इस बात की जांच कर रही है कि क्या उनके कोई स्थानीय सूत्र थे या उन्होंने भारत में किसी को प्रेरित करने की कोशिश की थी.
मेहदी भारत की एक बहुराष्ट्रीय कंपनी आईटीसी के फ़ूड डिविज़न में 5.3 लाख रुपए के सालाना पैकेज पर मैन्यूफ़ैक्चरिंग एक्ज़ीक्यूटिव के रूप में वर्ष 2012 से काम कर रहे थे.
इस कंपनी ने उनको एक कैंपस रीक्रूटमेंट के मार्फ़त चुना था.
रात में सोशल मीडियाएक बहुराष्ट्रीय कंपनी ने मेहदी मसरूर का कैंपस सेलेक्शन किया था.
बेंगलुरु के पुलिस आयुक्त एनएन रेड्डी ने बताया, \"वो काम के बाद सीधे घर चले जाते थे और देर रात तक इंटरनेट पर सक्रिय रहते थे. सोशल मीडिया के मार्फ़त वो विदेशी चरमपंथियों ख़ास कर ब्रितानी चरमपंथियों से सम्पर्क में थे.\"
मेहदी ने 60 जीबी प्रतिमाह डाटा का इंटरनेट कनेक्शन ले रखा था और इंटरनेट पर अपनी पहचान छिपा रखी थी.
मेहदी के पिता पश्चिम बंगाल बिजली बोर्ड के सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं. वो अपनी पत्नी और दो बेटियों के साथ अपने गृह राज्य में ही रहते हैं.
पुलिस आयुक्त के अनुसार, \'\'मेहदी को आईपीसी की धारा 125, यूएएलए की धारा 18 व 39 और आईटी एक्ट की धारा 66 एफ़ के तहत गिरफ़्तार किया गया है.\'\'
पुलिस के अनुसार, \'\'मेहदी मुख्य रूप से इंटरनेट पर सक्रिय थे और अभी तक उनके किसी से जुड़े होने की बात सामने नहीं आई है.\'\'
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)
Copyright © 2021-22 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.