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जूते पहनने से डरते हैं बाप-बेटे, हर हफ्ते कटवानी पड़ती है चमड़ी, अरबों में से सिर्फ 600 लोगों को है ये बीमारी

इस बीमारी से परेशान टिम और उनके बेटे को हर हफ्ते अपने पैरों की चमड़ी कटवानी होती है।

Dainik Bhaskar

Jun 29, 2018, 09:00 PM IST
टॉम बेकर और उनके 9 साल के बेटे टिमूदी टॉम बेकर और उनके 9 साल के बेटे टिमूदी

खबर जरा हटके डेस्क. ब्रिटेन के टॉम बेकर और उनके नौ साल के बेटे टिमूथी को जूते पहनने से डर लगता है। दोनों के पैरों का ऐसा हाल है कि देखने वाले भी डर जाते हैं। असल में इन बाप-बेटों को दुनिया की सबसे रेयर बीमारी Pachyonychia Congenita। दुनियाभर अरबों लोगों में अबतक 600 लोगों के ये बीमारी होने के मामले सामने आए हैं। आखिर क्या है ये बीमारी?...

- साइंटिस्ट के मुताबिक, यह एक तरीके का जैनेटिक डिसॉर्डर है जो व्यक्ति के जीन्स को प्रभावित करता है। इस डिसॉर्डर से व्यक्ति के शरीर में Keratin नामक तत्व पैदा होता है, जो नाखूनों और चमड़ी में पाया जाता है।
- इस बीमारी से परेशान टिम और उनके बेटे को हर हफ्ते अपने पैरों की चमड़ी कटवानी होती है। दोनों को इतना दर्द होता है कि वे सो भी नहीं पाते हैं।
- टॉम कहते हैं कि वे ज्यादा देर चल भी नहीं पाते हैं, क्योंकि ऐसा करने से उनके पैरों चमड़ी टूटने लगती है और इसका दर्द असहनीय होता है।

इस बीमारी से ऐसे हो जाते हैं टॉम और उनके बेटे के पैर। इस बीमारी से ऐसे हो जाते हैं टॉम और उनके बेटे के पैर।
टॉम बताते हैं कि अब उनके लिए चलना फिरना बेहद कठिन हो गया है, हर हफ्ते उन्हें पहले पैर की चमड़ी कटवानी पड़ती है, तब जाकर वे जमीन पर कदम रख पाते हैं। ऐसे वक्त में उनकी वाइफ उन्हें सपोर्ट कर रही हैं। टॉम बताते हैं कि अब उनके लिए चलना फिरना बेहद कठिन हो गया है, हर हफ्ते उन्हें पहले पैर की चमड़ी कटवानी पड़ती है, तब जाकर वे जमीन पर कदम रख पाते हैं। ऐसे वक्त में उनकी वाइफ उन्हें सपोर्ट कर रही हैं।
वहीं टॉम के 12 साल के बेट टिमूदी का फुटबॉलर बनने का सपना भी टूट गया है। वहीं टॉम के 12 साल के बेट टिमूदी का फुटबॉलर बनने का सपना भी टूट गया है।
डॉक्टर्स से ऑपरेट कराते टॉम। डॉक्टर्स से ऑपरेट कराते टॉम।
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टॉम बेकर और उनके 9 साल के बेटे टिमूदीटॉम बेकर और उनके 9 साल के बेटे टिमूदी
इस बीमारी से ऐसे हो जाते हैं टॉम और उनके बेटे के पैर।इस बीमारी से ऐसे हो जाते हैं टॉम और उनके बेटे के पैर।
टॉम बताते हैं कि अब उनके लिए चलना फिरना बेहद कठिन हो गया है, हर हफ्ते उन्हें पहले पैर की चमड़ी कटवानी पड़ती है, तब जाकर वे जमीन पर कदम रख पाते हैं। ऐसे वक्त में उनकी वाइफ उन्हें सपोर्ट कर रही हैं।टॉम बताते हैं कि अब उनके लिए चलना फिरना बेहद कठिन हो गया है, हर हफ्ते उन्हें पहले पैर की चमड़ी कटवानी पड़ती है, तब जाकर वे जमीन पर कदम रख पाते हैं। ऐसे वक्त में उनकी वाइफ उन्हें सपोर्ट कर रही हैं।
वहीं टॉम के 12 साल के बेट टिमूदी का फुटबॉलर बनने का सपना भी टूट गया है।वहीं टॉम के 12 साल के बेट टिमूदी का फुटबॉलर बनने का सपना भी टूट गया है।
डॉक्टर्स से ऑपरेट कराते टॉम।डॉक्टर्स से ऑपरेट कराते टॉम।
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