लैंड पुलिंग पॉलिसी को रफ्तार देने डीडीए के अधिकारी किसानों से करेंगे सीधी बात

News - आवासीय जरूरतों को पूरा करने और लैंड पुलिंग पॉलिसी को रफ्तार देने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के अधिकारी...

Oct 13, 2019, 07:21 AM IST
आवासीय जरूरतों को पूरा करने और लैंड पुलिंग पॉलिसी को रफ्तार देने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के अधिकारी किसानों के बीच जाएंगे। अधिकारी उनका ग्रुप (कंसोटियम) बनाने, उनको पॉलिसी के फायदे गिनाने के साथ उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करेंगे। लैंड पुलिंग पॉलिसी के तहत निर्माण शुरू करने के लिए एक सेक्टर में 70 प्रतिशत जमीन मिलना जरूरी है। अब डीडीए को दो जोन के कुछ सेक्टर में जमीन मिल गई है, लेकिन बिल्डरों के दिलचस्पी नहीं दिखाने से किसानों का ग्रुप नहीं बन पा रहा है। इसमें कोर्ट में मान्य समझौता कर कंपनी या संस्था रजिस्ट्रर कर किसान आपस में शेयर बांटने को लेकर पूरे निर्णय कर लेंगे। फिर डीडीए इस पर प्लानिंग कर सड़क सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं की प्लानिंग का काम पूरा करेगा। ताकि बिल्डरों को पॉलिसी के तहत फ्लैट बनाने के लिए लुभाया जा सके। बता दें डीडीए ने लैंड पुलिंग पॉलिसी को अक्टूबर 2018 में नोटिफाई किया है। इसके तहत पांच जोन एन, पी-टू, एल, के-वन और जे में बांटा गया हैं।

पुणे के मगरपट्‌टा की तर्ज पर दिल्ली में भी होगा काम

लैंडपुलिंग पॉलिसी के तहत पुणे में मगरपट्‌टा टाउनशिप का निर्माण हुआ हैं। यहां पर 150 किसान परिवारों ने कंपनी बनाकर 400 एकड़ जमीन पर सफल टाउनशिप बसाई है। इस टाउनशिप पर कई स्टडी हो चुकी हैं। इस कंपनी में करीब 800 सदस्य हैं। यह सभी किसान परिवार से ही हैं। कंपनी ही टाउनशिप की देखरेख का काम करती हैं। इसमें करीब 40 हजार लोग रहते हैं। इसमें किसानों के फ्लैट भी हैं। इसके अलावा टाउनशिप में साइबर सिटी भी है, जहां पर करीब 80 हजार लोग काम करने आते हैं। इसके अलावा अस्पताल, चौड़ी सड़कें, पार्क, स्कूल, स्पोर्ट्स सहित कई सुविधाएं हैं। मगरपट्‌टा में लैंडपुलिंग की तर्ज पर टाउनशिप बसाने की शुरुआत 1990 में की गई थी, जो 2012 में पूरी हुई। डीडीए उपाध्यक्ष तरुण कपूर ने बताया कि डीडीए के अधिकारी जल्द किसानों से मिलेंगे, जमीन को एकजुट करने के लिए आपस में जोड़ेंगे।

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