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हैंडपंप का विषाक्त पानी पीने से 16 बंदरों की मौत, खून की उल्टियां भी हुईं

3 वर्ष पहले
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डोंगरगढ़/राजनांदगांव. डोंगरगढ़ ब्लॉक के ग्राम पंचायत मुढ़िया से कोटरा सरार जाने वाले मार्ग पर सोमवार को हैंडपंप का जहरीला पानी पीने से 16 बंदरों की मौत हो गई। पोस्टमाॅर्टम करने वाले डॉक्टर कमल गुप्ता ने पानी में जहरीला पदार्थ मिले होने की पुष्टि की है। हालांकि स्पष्ट नहीं हो पाया कि पानी में किसने और कौन सा जहरीला पदार्थ डाला गया है। पोस्टमाॅर्टम के बाद बंदरों के आंत के हिस्से के कुछ अवशेषों को जबलपुर स्थित फोरेंसिक लैब भेजा गया है। 10 से 15 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट के आने के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि बंदरों ने पानी के साथ कौन सा जहरीला पदार्थ सेवन किया है। ग्रामीणों का कहना है कि आते-जाते राहगिर नल चला दिया करते थे ताकि बंदर पानी पी सकें। वन विभाग की टीम ने हैंडपंप के पानी का सैंपल लेकर पीएचई को भेज दिया है।

 

 

खार में गांव के दो परिवार ही करते हैंडपंप का पानी इस्तेमाल

- विभाग की ओर से जांच के  लिए डिप्टी रेंजर गंगाधर दास को जिम्मेदारी सौंपी है। 

- बताया गया कि बंदरों ने खून की उल्टियां भी की हैं।  ग्रामीणों ने बताया कि खार में स्थित इस हैंडपंप के पानी का इस्तेमाल गांव के दो परिवार के लोग ही करते हैं। वहीं राह चलते लोग भी इसी हैंडपंप से प्यास बुझाते हैं।

- बंदरों के साथ ही अन्य पशु भी हैंडपंप के पास जमा हुए पानी को पीते हैं। इसलिए राह चलते लोग मानवता की वजह से हैंडपंप के पास पानी भरकर छोड़ देते हैं। 

 

राह चलते लोगों ने बंदरों को मृत देखा और पुलिस को दी सूचना
- कोटरासरार की ओर जाने वाले कुछ राहगीरों ने बंदरों को तड़प-तड़प कर मरते देखा। राहगीरों की सूचना पर कोटवार ने मोहारा पुलिस चौकी में खबर दी। चौकी प्रभारी आनंद शुक्ला मौके पर पहुंचे और उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाया।

- एसडीओ सत्यदेव शर्मा व परिक्षेत्र अधिकारी एसके साहू ने मौका मुआयना किया। वन अमले ने मृत बंदरों के शव को करवारी नर्सरी पहुंचाया फिर पशु चिकित्सा विभाग के डॉ. किशोर गुप्ता ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर पोस्टमाॅर्टम किया।

 

डॉक्टर ने कहा-पेट में दर्द होने पर तड़पे हैं बंदर, शरीर में खरोच के निशान  
- बंदरों का पोस्टमाॅर्टम करने वाले डॉक्टर गुप्ता ने बताया कि मौत से पहले सभी बंदर खूब तड़पे हैं। शरीर में पाए गए खरोच के निशान से यह स्पष्ट हो रहा है। लगता है कि शरीर में जहरीला पदार्थ जाने की वजह से दर्द उठा होगा और बंदर तड़पे होंगे। डॉ. गुप्ता ने बताया कि पोस्टमाॅर्टम के बाद बंदरों के आंत के कुछ हिस्से को जबलपुर स्थित फोरेंसिक लैब में जांच लिए भेज दिया गया है।

- लैब रिपोर्ट के बाद ही मौत का कारण सामने आ पाएगा। बंदरों का अंतिम संस्कार कर दिया गया है।  

 

जंगल में पानी नहीं, इसलिए बस्ती की ओर आते हैं वन्य प्राणी 
- डोंगरगढ़ के आस-पास में जंगल है। वन विभाग को गर्मी के मद्देनजर वन्य जीवों के लिए पानी का इंतजाम करना है पर जंगल में पानी का संकट होने की वजह से वन्य जीव भटकते हुए बस्ती की ओर आते हैं। इसके पूर्व भी भवानी करेला मंदिर पहाड़ी पर एक बंदर मृत मिला था।  

 

लैब रिपोर्ट के बाद होगी पुष्टि
- पोस्टमाॅर्टम करने वाले डॉक्टर ने बंदरों की मौत जहरीले पदार्थ के सेवन से होने की बात कही है। लैब रिपोर्ट के बाद इसकी पुष्टि होगी।  
डॉ.आरके सोनवाने,  उप संचालक पशु चिकित्सा विभाग

 

हैंडपंप को बंद करा दिया गया है
- जानकारी मिलते ही एसडीओ को पानी का सैंपल लेने के निर्देश दिए गए हैं। जांच के बाद पता चल पाएगा कि हैंडपंप के पानी में कुछ मिलाया गया है या नहीं। फिलहाल उस हैंडपंप का उपयोग नहीं करने ग्रामीणों को समझाइश दी गई है। हैंडपंप को बंद करा दिया गया है।  
जीएन रामटेके, ईई पीएचई

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