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बहस : नारियल तेल में कोलेस्ट्रॉल नहीं लेकिन 90 फीसदी सेचुरेटेड फैट इसे खतरनाक बनाता है, कम मात्रा में ही लेना अच्छा, हर 3 माह में बदलें कुकिंग ऑयल

प्लांट से मिलने वाले फैट में कोलेस्ट्रॉल नहीं होता है। इस कारण नारियल तेल में भी कोलेस्ट्रॉल नहीं होता।

Danik Bhaskar | Sep 05, 2018, 05:41 PM IST

हेल्थ डेस्क. हाल ही में हॉर्वर्ड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर कैरिन मिशेल्स ने नारियल पर एक बयान दिया था। उनके मुताबिक नारियल तेल एक तरह से जहर है। इसमें सेचुरेटेड फैट की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। जो धमनियों में जाकर उसे ब्लॉक करता है। इससे शरीर में ब्लड का सर्कुलेशन बाधित होता है और हार्ट अटैक व स्ट्रोक का खतरा बढ़ता है। इस बयान के बाद भारत में नारियल के फायदे और नुकसान पर बहस शुरू हुई। डिबेट में सामने आया कि नारियल तेल को कम मात्रा में ही डाइट में शामिल करना बेहतर है। Dainikbhaskar.com ने इसके खतरे और फायदे जानने के लिए डायटीशियन सुरभि पारीक से बात की और जानी सच्चाई क्या है?

ऐसे समझें फैट का फंडा
ट्रांस फैट :
ऐसा फैट, जो तेल के हाइड्रोजेनेशन प्रक्रिया से तैयार किया गया हो, ट्रांस फैट कहलाता है, उदाहरण के तौर पर वनस्पति घी। ट्रांस फैट कमरे के तापमान मे भी जमा रहता है। यह शरीर मे अच्छे कोलेस्ट्रॉल को कम करता है और बुरे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ा देता है। यानी शरीर में लिए बहुत फायदेमंद नहीं है।
सैचुरेटेड फैट : कोई भी फैट, जो कमरे के तापमान मे भी जमा रहता है, वह सैचुरेटेड फैट है। इसका अधिक मात्रा में इस्तेमाल आपकी सेहत और दिल के लिए नुकसानदेह हो सकता है।
अनसैचुरेटेड फैट : यह फैट कमरे के तापमान मे तरल रहता है और अगर संतुलित मात्रा मे इसका इस्तेमाल किया जाए तो हार्ट के लिए अच्छा होता है। जैसे बादाम में 13 ग्राम अनसैचुरेटेड फैट और 1 ग्राम ही सैचुरेटेड फैट पाया जाता है।

क्यों खतरनाक है नारियल तेल का अधिक उपयोग
- नारियल तेल में सैचुरेटेड फैट ज्यादा होता है जो दिल के लिए खतरनाक होता है। हृदय रोगों के लिए बैड कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना भी खतरनाक है।
- सेचुरेटेड फैट ही बैड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है। पिछले साल अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन ने भी नारियल तेल को खतरनाक मानते हुए एडवाइजरी जारी की थी।

समझें कोलेस्ट्रॉल और सेचुरेटेड फैट का फर्क
- कोलेस्ट्रॉल और सेचुरेटेड फैट दोनों अलग-अलग चीजें हैं। कोलेस्ट्रॉल शरीर में बनता है या नॉनवेज जैसे रेडमीट, अंडा खाने पर शरीर में पहुंचता है। इसके अलावा घी और मक्खन से भी बॉडी में इसका लेवल बढ़ता है।
- प्लांट से मिलने वाले फैट में कोलेस्ट्रॉल नहीं होता है। इस कारण नारियल तेल में भी कोलेस्ट्रॉल नहीं होता। लेकिन सेचुरेटेड फैट मौजूद होने के कारण इसके तेल का अधिक उपयोग किया जाए तो नुकसान पहुंच सकता है।

एक्सपर्ट कमेंट : खाएं या नहीं
- डायटीशियन सुरभि पारीक के अनुसार दक्षिण भारत में नारियल तेल का इस्तेमाल सालों से किया जा रहा है। इसके अलावा बेकरी प्रोडक्ट बनाने में भी इसका इस्तेमाल बढ़ा है। हालांकि उत्तर भारत में नारियल तेल का इस्तेमाल बालों में और मालिश तक सीमित है।
- इस तेल में 90 फीसदी तक सेचुरेटेड फैट होता है जो दिल की सेहत के लिए सही नहीं है। लंबे समय तक नारियल तेल का इस्तेमाल करना खतरनाक साबित हो सकता है। इसलिए 2-3 माह में कुकिंग ऑयल बदलना जरूरी है।
- हर तेल में कुछ खास पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसलिए भी लंबे समय तक एक ही तेल के इस्तेमाल से बचना चाहिए। कुकिंग के लिए सरसों, सूरजमुखी, सोयाबीन तेल का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।