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पर्यटन विकास निगम के होटलों को निजी हाथों में देने का फैसला अटका, एमडी बदलते ही ठंडे बस्ते में

3 वर्ष पहले
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भोपाल.   पर्यटन विकास निगम अपनी होटलों को घाटे से उबारने में नाकाम रहा है। अब ऐसी सात होटल को चलाने के लिए 30 साल के लिए निजी हाथों में सौंपने की तैयारी है, लेकिन तीन महीने से इसके टेंडर खोलने पर ही फैसला नहीं हो पाया है। इसका टेंडर एमडी का तबादला होने के बाद तकनीकी बीड खोलकर रोक दिया गया है।


पर्यटन विकास निगम ने प्रदेश में पिछले कुछ समय से अच्छी हालत में नहीं चलने वाले होटलों की सूची तैयार की थी। ये तय हुआ था कि ये होटल संचालन के लिए निजी हाथों में दे दी जाए। निगम ने 24 फरवरी को सभी सात होटलों के लिए टेंडर जारी कर दिए थे। इन टेंडर को 19 मार्च तक सबमिट करने के साथ ही 22 मार्च को खोलना तय किया गया था।

 

पर्यटन निगम की ये होटल घाटे में

1. पचमढ़ी की पंचवटी होटल
2. पिपरिया का टूरिस्ट मोटल
3. छिंदवाड़ा के तामिया का टूरिस्ट मोटल
4. उज्जैन की अवंतिका होटल
5. कटनी का टूरिस्ट मोटल
6. मंडला में टूरिस्ट मोटल
7. खजुराहो का टूरिस्ट विलेज

 

 

सेफ विजेंद्र सिंह की रुचि अवंतिका में
घाटे में होने के बाद भी तकरीबन 10 समूह ने इन होटल को लेने में रुचि दिखाई है। गुड़गांव के सेफ विजेंद्र सिंह ने उज्जैन के अवंतिका होटल को लेना चाहा है। सिनर्जी समूह ने रूचि जताई है। इसके अलावा जबलपुर के कुछ समूह भी आगे आए है। इन समूह ने तकनीकी बीड के बाद अफसरों से कई बार पूछताछ की है, लेकिन अभी तक तर्क यह दिया जा रहा है कि ई-टेंडर के मेटनेंस की वजह से दिक्कत आ रही है। कई बार सर्वर बंद रहने के चलते फाइनेंशियल बीड अभी खुल नहीं सकती है।

 

पोर्टल के मेंटेनेंस के कारण अटका

पर्यटन विकास निगम के उप महाप्रबंधक प्रकाश उपाध्याय ने बताया कि निगम ने कुछ होटलों को निजी हाथों में लीज पर देने के लिए टेंडर निकाले थे। इनकी तकनीकी बीड खुली है। फाइनेंशियल बीड ई-टेंडर पोर्टल पर मेंटनेंस का काम होने की वजह से नहीं खुली है। एमडी से मंजूरी में भी समय लगता है। इसी सप्ताह में टेंडर फायनल हो जाएंगे। 

 

एमडी के तबादले से फंसा पेंच
दरअसल इन होटलों को निजी हाथों में देने वाली टेंडर की प्रक्रिया एमडी छवि भारद्वाज के रहते हुई थी। इसके नियम तथा शर्तों में भी छवि ने काफी बदलाव करवाए थे। इन टेंडर की तकनीकी बीड खुलने के कुछ दिन बाद उनका तबादला हो गया। इसके बाद से फाइनेंशियल बीड खोलने की तारीखें बार-बार आगे बढ़ाई गई। टेंडर की बीड खोलने मियाद एक महीने पहले खत्म हो चुकी है, लेकिन फैसला अटका हुआ है।

 

खराब फीडबैक : एडीजी ने ट्वीट किया-घटिया खाना

पर्यटन विकास निगम होटल की व्यवस्थाओं को ठीक नहीं कर पा रहा है। ऐसा ही वाकया 13 मई को सामने आया था। महिला अपराध शाखा के एडीजी अन्वेष मंगलम होटल पलाश में डिनर पर पहुंचे थे। होटल की अव्यवस्थाओं से नाराज होकर उन्होंने रात को 10:15 बजे ट्वीट किया था। इसमें मंगलम ने लिखा था कि मेरा अनुभव खराब है। खाना घटिया होने के साथ ही सर्विस  बिल्कुल अच्छी नहीं थी। वेटर्स में भी काम को लेकर कोई रुचि नहीं है। इस ट्वीट के बाद होटल प्रबंधन ने मामले को दबाने की कोशिश की, लेकिन यह प्रमुख सचिव हरिरंजन राव तक पहुंच गया। इसके बाद निगम के अफसर एडीजी से मिलने गए। उनसे पूछने के बाद वेटर्स बढ़ाने के साथ सेफ को बदलने का फैसला हुआ है।

 

 

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