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डाउनलोड करेंभोपाल. नेशनल लॉ इंस्टीट्यूट यूनिवर्सिटी (एनएलआईयू) में 16 फेल छात्रों को गलत तरीके से बीए-एलएलबी (आॅनर्स) की डिग्री देने के मामले में परीक्षा शाखा के असिस्टेंट रजिस्ट्रार रंजीत सिंह को बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। इस संबंध में मंगलवार को हुई कार्यपरिषद की बैठक में सदस्यों की सहमति बन गई है। सदस्यों का कहना है कि रंजीत सिंह द्वारा किया गया अपराध माफी के लायक नहीं है। इसलिए सिंह को सेवाओं से तत्काल बर्खास्त करना ही ठीक होगा। इस मामले में सिंह मई 2017 से निलंबित चल रहे हैं।
एनएलआईयू में मंगलवार को कार्यपरिषद की विशेष बैठक बुलाई गई। लेकिन,सिर्फ इसका कोरम ही पूरा हो सका। बैठक में चार सदस्यों में डायरेक्टर प्रो. मुकेश श्रीवास्तव के अलावा उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त नीरज मंडलोई , डॉ. बीरपाल सिंह और डॉ. मोनिका राजे शामिल हुईं। इन सदस्यों में असिस्टेंट रजिस्ट्रार सिंह को बर्खास्त करने पर सहमति बनी हैं। एनएलआईयू प्रशासन के मुताबिक लिए निर्णय का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है। लेकिन, कार्यपरिषद सदस्यों के हस्ताक्षर नहीं होने के कारण मिनिट्स जारी नहीं हो सके।
कार्यपरिषद सदस्य एवं आयुक्त उच्च शिक्षा नीरज मंडलोई ने बताया कि कार्यपरिषद की बैठक में परीक्षा शाखा के असिस्टेंट रजिस्ट्रार रंजीत सिंह को बर्खास्त करने का निर्णय लिया गया है। यह निर्णय जस्टिस गोहिल की रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है।
सिंह ने 152 पेज में सौंपा अपना पक्ष
कमेटी रिपोर्ट के आधार पर कार्यपरिषद ने इस गड़बड़ी में असिस्टेंट रजिस्ट्रार की भूमिका पता करने के लिए बाहरी जांच अधिकारी के रूप में हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस अभय गोहिल को जिम्मा साैंपा था। असिस्टेंट रजिस्ट्रार सिंह का कहना है कि मीटिंग में फैसले की जानकारी अभी मुझे प्राप्त नहीं हुई है। संस्थान की ओर से बैठक के मिनिट्स फाइनल होने के बाद जो भी नोटिस आएगा, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई करूंगा। मैंने अपने पक्ष में गवाही के दौरान दिए बयान सहित अन्य दस्तावेज संस्थान को दिए थे। 152 पेज में अपना पक्ष रखा था।
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