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डाउनलोड करेंपटना. बिहार की राजधानी पटना के गांधी मैदान में 'दीन बचाओ, देश बचाओ' रैली का आयोजन किया गया है। इमारत शरिया और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) ने संयुक्त रूप से इस्लाम और राष्ट्र को खतरे में बताते हुए सड़क पर उतरने का ऐलान किया था। आयोजकों का दावा है कि करीब तीन लाख लोगों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
जनता ने दिया केंद्र सरकार को तलाक
- मौलाना उमरेन महफूज रहमानी ने कहा कि अररिया, फूलपुर और गोरखपुर में जनता ने केंद्र को तीन तलाक दे दिया है। उन्होंने कहा कि कौम कमजोरों की हिफाजत के लिए आगे आये। इस मौके पर अबू तालिब रहमानी ने कहा कि जिस का पिता मजबूत होता है उसके वंशज भी मजबूत होते है। उन्होंने आगे कहा कि 5 लाख मुस्लिम महिलाओं ने हस्ताक्षर कर केंद्र को सौंपा फिर भी तीन तलाक बिल को लाकर सारी मसाइल के हल निकालने का दावा किया जा रहा। हमे दीन और देश दोनों को बचाना है।
देश के साथ-साथ इस्लाम पर भी खतरा
- बोर्ड के महासचिव मौलाना वली रहमानी ने कहा कि 'हमने चार साल इंतजार किया और सोचा कि बीजेपी संविधान के तहत देश चलाना सीख लेगी। उन्होंने आगे कहा कि मुसलमानों के पर्सनल लॉ पर हमला किया जा रहा है। हमें अपने लोगों और देशवासियों को बताना पड़ रहा है कि देश के साथ-साथ इस्लाम पर भी खतरा है।'
'शरीयत से की जा रही छेड़छाड़'
कार्यक्रम में शामिल मुस्लिम नेताओं ने आरोप लगाया कि राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए हमारे धर्म और शरीयत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि हम सभी लोग शरीयत में हस्तक्षेप के हर प्रयास की निंदा करते हैं। हमारी मांग है कि सरकार अपने रवैये में बदलाव करे। भीड़ द्वारा हिंसा और कुछ बेलगाम नेताओं के बयान के द्वारा देश के मुसलमानों, दलितों और शोषित वर्ग में भय पैदा करने की कोशिश की जा रही है। सरकार से हमारी मांग है कि समाज में समानता कायम करने की कोशिश करे।
महिलाओं की सुरक्षा पर ध्यान दे सरकार
मुस्लिम नेताओं ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि एक ओर सरकार महिलाओं की सुरक्षा की बात करती है और दूसरी ओर देश में मासूम बच्चियां भी सुरक्षित नहीं है। उत्तरप्रदेश और जम्मू में हुई घटना की मुस्लिम संगठन निंदा करता है और इस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से हमारी मांग है कि सरकार अपराधियों पर ऐसी सख्ती बरते कि आगे से ऐसी कोई घटना दोबारा नहीं हो। ऐसे अपराधियों को कठोर से कठोर सजा दी जाए।
5 हजार पुलिसकर्मियों की हुई थी तैनाती
'दीन बचाओ-देश बचाओ' कॉन्फ्रेंस के मद्देनजर गांधी मैदान में सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए करीब 5 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। गांधी मैदान में जगह जगह महिला पुलिस अधिकारियों की भी तैनाती की गई थी। इसके साथ ही शहर के कई चौक-चौराहों पर भी पुलिस बलों की तैनाती की गई थी। सुरक्षा को लेकर 300 दंडाधिकारी और 350 पुलिस अधिकारियों की भी तैनाती की गई थी। 150 सीसीटीवी कैमरे के पूरे कार्यक्रम की निगरानी की जा रही थी। गांधी मैदान में आने वाले लोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई। पेयजल और एंबुलेंस की भी व्यवस्था की गई थी।
ट्रैफिक रूट में बदलाव
कॉन्फ्रेंस के कारण प्रशासन ने कई मार्गों पर ट्रैफिक रुट में बदलाव किया था।
- भट्टाचार्य रोड से गांधी मैदन की तरफ गाड़ियों का परिचालन बंद कर दिया गया था।
- न्यू डाकबंगला से एसपी वर्मा रोड की तरफ भी गाड़ियों का आवागमन बंद कर दिया गया था।
फोटो-शेखर/सबीना
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