दोपहिया पर लगाम से ऑफिस से लौटने में होगी देरी, डिलीवरी सर्विस पर संकट

News - मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 4-15 नवंबर तक प्रस्तावित ऑड-ईवन में सीएनजी वाहनों को छूट से बाहर किए जाने से दोपहिया...

Bhaskar News Network

Oct 13, 2019, 07:21 AM IST
New Delhi News - delay in returning from office on two wheeler delivery service crisis
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 4-15 नवंबर तक प्रस्तावित ऑड-ईवन में सीएनजी वाहनों को छूट से बाहर किए जाने से दोपहिया वाहनों को बाहर करने का दबाव भी बढ़ा है। क्लीन फ्यूल सीएनजी की प्राइवेट कारों को बाहर रखने के फैसले के बाद पर्यावरण से जुड़े एक्सपर्ट का कहना है कि दोपहिया की संख्या भी ज्यादा है और ये प्रदूषण भी ज्यादा फैलाते हैं। पर्यावरण मामले की एक्सपर्ट अनुमिता राय चौधरी, अनिल सूद और विमलेंदु झा के अनुसार दोपहिया सहित अन्य वाहनों की छूट भी खत्म करेंगे तो असर ज्यादा होगा। हालांकि विमलेंदु झा ने कहा सीएनजी प्राइवेट वाहनों की संख्या कम है, इसकी छूट खत्म करने का फैसला समझ से बाहर है। परिवहन विभाग ने दोपहिया वाहनों को सिर्फ 3 घंटे की छूट दिए जाने के साथ पूरे दिन पाबंदी में रखने की सिफारिश दी है। मुख्यमंत्री बाकी सिफारिशों की तरह उसे मान लेते हैं तो दोपहिया से चलने वालों को ऑफिस से घर लौटने के लिए रात 8 बजे तक का इंतजार करना पड़ेगा। राजधानी में वैध रजिस्टर दोपहिया करीब 52 लाख हैं, यानी 25-26 लाख दोपहिया ऑफ रोड हो जाएंगे। इससे भीड़ सड़क पर कम हो सकती है लेकिन लोगों की मुश्किलें बढ़ेंगी। जिनका ऑफिस 11 बजे के बाद है, उनके लिए दिक्कत होगी। फिर घर से निकलने के बाद ट्रैफिक जाम में दोपहिया वाहन फंसे तो जुर्माना 20 हजार रुपए का होगा। वहीं कूरियर सर्विस, ग्रॉसरी ऑनलाइन शॉपिंग, ऑनलाइन शॉपिंग में होम डिलीवरी के साथ दोपहर को खाना होम डिलीवरी में भारी दिक्कत की संभावना है। ये वाहन प्राइवेट नंबर के हैं।

क्या सीएनजी वाहनों के लिए बनाए स्टीकर और एप बेकार हो जाएंगे?

राजधानी में वैध सीएनजी प्राइवेट वाहनों की संख्या सिर्फ 3.8 लाख है। इनकी छूट खत्म किए जाने से दिल्ली में रजिस्टर्ड करीब 2 लाख सीएनजी वाहन ऑफ रोड हो जाएंगे जबकि दिल्ली के बाहर से आने वाले वाहनों की भी बड़ी तादात खत्म हो जाएगी। सीएनजी प्राइवेट वाहनों की छूट खत्म करने का फैसला लिए जाने के पीछे की कहानी अधिकारी भी नहीं समझ पा रहे हैं। परिवहन मंत्री की दो बैठकों में सीएनजी वाहनों के लिए 7 लाख स्टीकर बनाए जाने, 1000 स्टीकर रीडर और नकली-असली की पहचान के लिए मोबाइल एप बनाने पर सहमति बनी थी। स्टीकर बनाने में कितना खर्च हुआ, ये तो अधिकारी नहीं बता रहे हैं लेकिन ये जरूर मान रहे हैं कि अगर फैसला नहीं बदला तो ये बेकार जाएंगे।

ऑड-ईवन के दौरान 2 हजार निजी बसें उतरेंगी, एप आधारित टैक्सी सर्विस ने ज्यादा सर्ज चार्ज वसूला तो होगी कार्रवाई

नई दिल्ली|ऑड ईवन याेजना लागू हाेने के समय 2 हजार निजी बसों की सेवा ली जाएगी। परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने बताया कि निजी बस ऑपरेटरों से बातचीत हो गई है। प्रस्ताव को अनुमति के लिए जल्द ही कैबिनेट में भेजा जाएगा। इसके अलावा एप आधारित टैक्सी संचालकों की मनमानी पर भी लगाम लगाई जाएगी। सीएम केजरीवाल ने कहा कि इसके लिए ऊबर के अधिकारियों के साथ बैठक हो चुकी है। उन्हें बता दिया गया है कि डेढ़ गुना से ज्यादा सर्ज चार्ज नहीं वसूला जा सकता है। इस दौरान परिवहन मंत्री ने कहा कि अन्य कंपनी संचालकों के साथ भी बैठक कर निर्देश दे दिए जाएंगे।

लाख हैं रजिस्टर्ड दोपहिया, एकसाथ सड़क पर 25 लाख से ज्यादा घटेंगे

सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में बस उतारने का जो शेड्यूल दिया है उस हिसाब से अक्टूबर, 2019 तक 552 क्लस्टर की स्टैंडर्ड फ्लोर बसें उतारी जानी थीं। लेकिन अभी 25 बसें आई हैं। डीटीसी बसों की संख्या में लगातार कमी आ रही है।

डीटीसी की ज्यादातर बसें 8 से 10 साल पुरानी हो चुकी हैं

एक्सपर्ट बोले-पब्लिक ट्रांसपोर्ट बढ़ाना चाहिए, 5 साल बीतने को हैं अभी क्लस्टर की 25 बसें ही आईं



ईपीसीए की रिपोर्ट बताती है कि डीटीसी की ज्यादातर बसें 8-10 साल पुरानी हो चुकी हैं। अगले दो-तीन साल में ये बसें रिप्लेस करनी होंगी।

सुप्रीम कोर्ट ने 1998 में 10 हजार बसों की जरूरत बताई थी। 2018 की डिम्ट्स की रिपोर्ट में 11,500 बसों की जरूरत बताई गई है। अभी शहर में सिर्फ 5500 बसें हैं। दिल्ली सरकार स्टैंडर्ड फ्लोर की बसें बहुत धीमी गति से आ रही हैं।

जुर्माने पर जल्द होगा फैसला

सीएम ने कहा कि नए परिवहन कानून के अनुसार जुर्माने को रिवाइज किया जा रहा है। पहली पर ऑड-ईवन का पालन नहीं करने वाले को समझाकर उसे वापस कर दिया जाएगा।

दफ्तरों के समय में बदलाव पर मंथन

सीएम ने बताया कि ऑड-ईवन के समय सार्वजनिक वाहनों पर एक समय दबाव न बने, इसके लिए दफ्तरों का समय बदलने पर विशेषज्ञों से बात चल रही है।

छूट वाले वाहन की सूची छोटी करना जरूरी

सीएनजी क्लीन फ्यूल है लेकिन इमरजेंसी में छूट वाले वाहन की सूची छोटी करेंगे तभी असर दिखेगा। दोपहिया की छूट भी खत्म हो। - अनुमिता राय चौधरी, सीएसई कार्यकारी निदेशक


X
New Delhi News - delay in returning from office on two wheeler delivery service crisis
COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना