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डाउनलोड करेंअमल चौधरी
बीबीसी संवाददाता
दिल्ली में आम आदमी पार्टी ने बड़ी संख्या से जीत दर्ज कर आख़िरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजय रथ को रोक दिया.
इससे एक तरफ़ जहां भाजपा अपनी रणनीति पर विचार करने को मजबूर हुई है वहीं आप राष्ट्रीय स्तर पर ख़ुद को स्थापित करने के सपने देख रही है.
देश की अन्य प्रमुख पार्टियों ने आप की इस जीत और उनकी बड़ी ज़िम्मेदारी पर अपने विचार साझा किए.
जद-यूजनता दल यूनाइटेड के अध्यक्ष शरद यादव ने कहा, \"नौ महीने में भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो खोखले वादे किए उससे जनता का उनके प्रति मोह भंग हुआ जिसके चलते दिल्ली में यह परिणाम आया.\"
उन्होंने कहा, \"लोगों को दिल्ली में \'आप\' के रूप में एक अच्छा विकल्प मिला जिसे लोगों ने चुना. लेकिन अभी उनको राष्ट्रीय स्तर पर पकड़ बनाने में वक़्त है.\"
सपा और बसपाबसपा के महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्य कहते हैं, \"प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जनता को अच्छे दिनों के नाम पर ठगा है. जिसके चलते दिल्ली के लोगों ने उनकी सरकार को नकार दिया.\"
उन्होंने कहा, \"जहां तक आप को राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा के विपक्ष के रूप में देखने का सवाल है, यह कहना अभी काफ़ी जल्दी होगा. अभी उन्हें बहुत काम करना है.\"
सपा के मंत्री शिव कुमार बेरिया कहते हैं, \"दिल्ली में लोगों के पास कोई भी विकल्प नहीं था. लोग भाजपा से नाराज़ थे जिस वजह से उन्होंने आप को चुना.\"
कांग्रेसकांग्रेस युवा नेता और पूर्व मंत्री सचिन पायलट ने कहा, \"आप ने दिल्ली में जीत दर्ज ज़रूर की है लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी का क्या होगा यह कहना अभी बहुत जल्दी होगा.\"
उन्होंने कहा, \"हालांकि पार्टी ने काफ़ी वादे किए हैं. अब यह देखना है कि उन वादों का क्या होता है.\"
तृणमूलतृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ ब्रायन कहते हैं, \"भाजपा की सरकार को दिल्ली की जनता ने सबक़ सिखा दिया है.\"
वो कहते हैं, \"हालांकि आप राष्ट्रीय स्तर पर मुख्य विपक्षी दल बन बन सकता है कि नहीं इस पर अभी कुछ भी कहना जल्दबाज़ी होगी.\"
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