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क्या कहती है दिल्ली

6 वर्ष पहले
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डॉली, सफ़ाई कर्मचारी

\"यह झाड़ू लेकर चलने वालों की जीत है. हम क़तार में सबसे पीछे है. हमें ख़ुशी होती है कि आम आदमी पार्टी जीत रही है. हम जानते हैं कि वो बिजली, पानी और घर के लिए काम करने वाले हैं. उन्होंने वादा किया है और वो पूरा करेंगे. हम बीजेपी, कांग्रेस से अलग कुछ चाहते हैं.\"

जय मिश्रा, छात्र, डीयू

\"मैंने आप को वोट दिया. मेरी बड़ी चिंता भ्रष्टाचार है. ड्राइविंग लाइसेंस से लेकर स्कूल, कॉलेजों में दाखिले तक हर जगह घूस देना पड़ता है. मुझे उम्मीद है कि हम ज्यादा ईमानदार शहर देख सकेंगे.\"

बल्लू सिंह, चाय बेचने वाले

\"आम आदमी पार्टी पिछली बार जीती लेकिन उसे काम नहीं करने दिया गया.. हम इस पार्टी से जुड़ा महसूस करते हैं क्योंकि यह हमारे मुद्दों पर बात करती है. मैं यहां 27 साल से हूं लेकिन ऐसा चुनाव पहले कभी नहीं देखा. केंद्र की सत्ता में आने के बाद बीजेपी ने काम नहीं किया है. पिछले नौ महीनों में महंगाई नहीं रुकी. चुनावी वादों को पूरा नहीं किया गया.\"

सामया ख़ान, छात्रा डीयू

\"स्वच्छ और सेक्यूलर छवि के कारण आम आदमी पार्टी जीती है. हमारे प्रधानमंत्री गांधीवादी होने का दावा करते हैं लेकिन उनकी पार्टी धर्म की राजनीति करतती है. मेरे ख्याल में केजरीवाल असली गांधीवादी हैं.\"

रिद्धु कुमार, टैक्सी ड्राइवर

\"बीजेपी को अब अहसास होगा कि आम लोगों को हल्के में नहीं लेना चाहिए. मैं यहां 30 साल से हूं, सत्ता में आने के बाद राजनीतिक दल वादे पूरे नहीं करते. लोगों ने बदलाव के लिए वोट दिया है. मैं टैक्सी चलाता हूं और पुलिसवाले मुझसे अकसर घूस मांगते हैं. पिछली बार आम आदमी पार्टी की सरकार थी तो घूस मांगने पर रोक लगी थी.\"

निपुन वशिष्ठ, छात्र, डीयू

\"आप युवाओं की पार्टी है इसके उम्मीदवार पढ़े लिखे हैं और हम जैसे आम लोगों के तबके से आते हैं. वो हमारी समस्या समझेंगे. आप की जीत हमें बदलाव की उम्मीद दी है.\"

पवन बिस्वास, ऑटो ड्राइवर

\"मैंने पिछले चुनाव में आम आदमी पार्टी को वोट दिया लेकिन केजरीवाल ने कुर्सी छोड़ कर मुझे निराश कर दिया. उनके छोटे से दौर में चीज़ें बेहतर हुईं. इस बार मैंने बीजेपी को वोट दिया यह सोच कर कि दिल्ली में बुनियादी सुविधाएं केंद्र सरकार की मदद के बग़ैर बेहतर नहीं होगी. मुझे ख़ुशी है कि मेरे वोट के बावजूद बीजेपी हार गई और आम आदमी पार्टी जीत गई. वो हम जैसे आम लोगों के लिए काम करेगी.\"

अर्चना अग्निहोत्री, समाजसेवी

\"अर्चना ने अमरीका में कंप्युटर इंजीनियर की नौकरी छोड़ी और भारत में ग़रीबी हटाने के लिए काम करने लगीं. केजरीवाल की कट्टर समर्थक अर्चना मानती हैं कि वो ईमानदार हैं और वादे पूरे करेंगे.\"

याशिका शर्मा, छात्रा, डीयू

\"मुझे केजरीवाल से बड़ी उम्मीदें हैं खासतौर से दिल्ली को महिलाओँ के लिए सुरक्षित बनाने में. शहर में ज्यादा सीसीटीवी कैमरे, महिलाओं के लिए ख़ास बसें, ज्यादा शौचालय और बेहतर पुलिस यही सब चाहती हूं. स्कूल और कॉलेजों में दाखिला बुरे सपने जैसा बन गया है क्योंकि कॉलेज कम हैं, उम्मीद है कि यह ठीक होगा.\"

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