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डाउनलोड करेंपटना। सदर अस्पताल में कर्मियों की लापरवाही से मरीजों की जान खतरे में पड़ गई है। सोमवार को कर्मचारियों और अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्था की शिकार एक प्रसूता हो गई। दिनेश मांझी की पत्नी प्रसव कराने के लिए मां के साथ रिक्शे से अस्पताल पहुंची। मुख्य द्वार से लेबर रूम तक ले जाने के लिए उसे न स्ट्रेचर मिला न कोई कर्मचारी। परिजन कभी इमरजेंसी तो कभी अस्पताल के कर्मचारियों से मरीज को लेबर रूम ले जाने की गुहार लगाते रहे। लेकिन कोई नहीं आया।
- दर्द से कराहती प्रसूता ने रिक्शे पर ही बच्चे को जन्म दे दिया। इसके बाद प्रसूता की गोतनी ने खुद स्ट्रेचर पर लिटा कर जच्चा-बच्चा को लेबर रूम तक पहुंचाया।
- सदर अस्पताल में इस तरह की यह पहली लापरवाही नहीं है। इससे पहले भी यहां कर्मियों की लापरवाही के कारण कभी ऑटो में ताे कभी अस्पताल के फर्श पर ही परिजनों द्वारा प्रसव कराया जा चुका है।
लेबर रूम ले जाने के 15 मिनट बाद पहुंची एएनएम
-जब महिला का प्रसव रिक्शे पर ही हो गया तो महिला के साथ आए परिजन दिनेश मांझी व शांति देवी के द्वारा खुद स्ट्रेचर पर सीमा को लिटाया और उसे सदर अस्पताल के लेबर रूम तक पहुंचाया।
- अत्यधिक ब्लीडिंग हो जाने से महिला की स्थिति बिगड़ती जा रही थी। इसके बावजूद करीब 15 मिनट बाद एएनएम वहां पहुंची। तब जाकर महिला को भर्ती कराया गया।
एएनएम की लापरवाही से लेबर रूम में बेड से गिरी थी प्रसूता
- सदर अस्पताल के प्रसव वार्ड में भी कर्मियों की लापरवाही से मरीज एवं उनके परिजनों को कई बार परेशानियों का सामना करना पड़ा है।
- हाल के दिनों में एक प्रसूता लेबर रूम में कार्यरत एएनएम एवं केयर इंडिया की कर्मी के लापरवाही की वजह से बेड से नीचे गिर गई थी।
- नीचे गिरने की वजह से उसकी स्थिति गंभीर हो गई थी जिस कारण आशा कार्यकर्ता और केयर इंडिया के कर्मी के बीच हाथापाई आैर नोक-झाेक भी हुई थी।
- इस दौरान अस्पताल प्रशासन ने उक्त महिला को गंभीर अवस्था में रेफर कर दिया था। इस तरह के कई मामले हैं जो प्रसव वार्ड की लापरवाही को दर्शाता है।
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