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सीएम से सरहुल के लिए विशेष पैकेज और दो दिनों की छुट्टी की देने की मांग
{ सरहुल की तैयारी को लेकर कई संगठनों ने की बैठक
सरहुल की तैयारी शुरू हो गई है। शुक्रवार को कई संगठनों की बैठक सरहुल को लेकर हुई, जिसमें कई निर्णय लिए गए। केंद्रीय परिषद एवं आदिवासी छात्र मोर्चा का शिष्टमंडल विधायक राजेश कच्छप के नेतृत्व में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से विधानसभा सत्र के दौरान मिला। सीएम से कहा गया कि राजधानी की सिरम टोली और हातमा मुख्य पूजा स्थल प्राचीन एवं पौराणिक है, जिसमें विदेशी सैलानी और पर्यटक शामिल होते हैं। वर्तमान में इसकी स्थिति देखरेख के अभाव में जर्जर एवं दयनीय है। इसलिए, सरकार इस ऐतिहासिक स्थल को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान देने का काम करे और इसे विकसित करे।
सरहुल पूजा महोत्सव को लेकर तत्काल आर्थिक पैकेज की व्यवस्था कर विभाग द्वारा जल्द सौंदर्यीकरण कर सोहराई पेंटिंग दोनों सरना स्थलों पर तत्काल की जाए। सीएम से मिले प्रतिनिधिमंडल में निरंजना हेंरेज टोप्पो, अजय टोप्पो, पाहन हलधर चंदन पाहन, शशि प्रधान, मुन्ना टोप्पो, एंजिला टूडू, विमल उरांव, उमेश पाहन, करमा लिंडा, संजू मिंज, गीता लकड़ा, निर्मल खाखा, संदीप टोप्पो, संतोष मांझी, चंद्रदेव भगत आदि शामिल थे।
राजकीय अवकाश घोषित हो : जय आदिवासी केंद्रीय परिषद एवं आदिवासी छात्र मोर्चा के सदस्यों ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की। मुख्यमंत्री से परिषद के सदस्यों ने सरहुल पूजा महोत्सव के अवसर पर दो दिनों का राजकीय अवकाश घोषित करने, हातमा एवं केंद्रीय सरना स्थल रांची को दर्शनीय स्थल के रूप में विकसित करने की मांग की गई।
सरहुल उपवास 25 मार्च, पूजा 26 और शोभायात्रा 27 मार्च को
28 मार्च को फुलखोंसी : आदिवासी सेना और हेसल सरना समिति की बैठक पिस्का मोड़ सत्यारी सरना स्थल पर शिवा कच्छप की अध्यक्षता में हुई। इधर, केंद्रीय सरना समिति की बैठक फूलचंद तिर्की की अध्यक्षता में हुई, जिसमें सरहुल को लेकर कार्यक्रम जारी किया गया। सरहुल उपवास 25 मार्च, सरहूल पूजा 26 और शोभायात्रा 27 मार्च को निकाली जाएगी। फुलखोंसी 28 मार्च को होगा। सेना के अध्यक्ष शिवा कच्छप ने कहा कि सरहुल पर हर घर में सरना झंडा अवश्य लगाएं। सरहुल शोभायात्रा में सरना धर्म कोड लागू करने की मांग की तख्ती लेकर चलें। नशापान न करें और हड़िया को प्रसाद के रूप में लें। शोभायात्रा में पारंपरिक वेश-भूषा में शामिल हों। इधर, केंद्रीय सरना समिति बबलू मुंडा की अध्यक्षता में हुई, जिसमें मुख्य पाहन जगलाल ने भी हिस्सा लिया।
मुख्यमंत्री हेमंत साेरेन को अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपते विभिन्न संगठनों के लोग।