पटना. पटना नगर निगम समेत सभी निकायों में पदों के पुनर्संरचना संबंधी संकल्प नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा जारी कर दिया गया है। पदों के पुनर्संरचना के साथ सभी निकायों में 2469 पदों का सृजन भी किया गया है। पटना नगर निगम में पदों के पुनर्संरचना पर डिप्टी मेयर
विनय कुमार पप्पू ने विभाग पर सवाल उठाया। कहा है कि जिस तरह से कई पदों का समाप्त कर कुछ नए पदों का सृजन किया गया है वह नगर निगम को अधिकार विहीन कर उसके अस्तित्व को समाप्त करने की कोशिश है। इस संबंध में डिप्टी मेयर ने मेयर को पत्र लिख कर विचार विमर्श के लिए तत्काल निगम बोर्ड की विशेष बैठक बुलाने का अनुरोध किया है।
डिप्टी मेयर विनय कुमार पप्पू ने बताया कि पटना नगर निगम के स्थापना काल से ही अभियंत्रण शाखा था। निगम के लिए हर छोटी-बड़ी योजनाओं के निर्माण के लिए सर्वेक्षण, इस्टिमेट का निर्माण और उसकी तकनीकी स्वीकृति आदि का काम करता है। लेकिन विभाग के संकल्प के माध्यम से उस शाखा को ही खत्म कर दिया गया है। उसी तरह राजस्व एवं लेखा शाखा, करारोपण और कर वसूली शाखा, स्वच्छता शाखा, स्थापना शाखा और अन्य शाखाओं को भी पंगु बनाकर निगम के अस्तित्व को ही समाप्त करने का प्रयास किया गया है। ताकि पिछले दरवाजे से निगम का तमाम कार्य सरकार के हाथ में आ जाए और निगम के निर्वाचित जनप्रतिनिधि आम नागरिकों के प्रति जिम्मेदार न रह जाए। फिर आम लोगों का आक्रोश उन्हें निकम्मा बता कर उनके विरुद्ध आंदोलन पर उतारू हो जाए और सरकार को नगर निगम को अपने नियंत्रण में लेने का मौका मिल जाए।
निगम के चार शाखा में होंगे 74 पदाधिकारी और कर्मीपटना नगर निगम के चार शाखा प्रशासनिक, राजस्व एवं लेखा, स्वच्छता और स्थापना शाखा में 74 पदों पर पदाधिकारी और कर्मी होंगे। नगर आयुक्त का एक, अपर नगर आयुक्त का चार, उपनगर आयुक्त का 6, मुख्य नगरपालिका अभियंता, उप नगरपालिका अभियंता, विधि पदाधिकारी, निगरानी और प्रवर्तन पदाधिकारी का एक-एक पद होगा। वहीं स्वच्छता शाखा में एक स्वास्थ्य पदाधिकारी, पांच स्वच्छता निरीक्षक और 20 सफाई जमादार होंगे। इसके साथ ही छह अंचल में अंचल स्तर पर कुल 11 पदों पर 66 पदाधिकारी और कर्मी होंगे। हर अंचल में एक-एक कार्यपालक पदाधिकारी,एक-एक नगर प्रबंधक आदि होंगे।