Home | Business | Deven chocksey column market will be higher ahead

देवेन चौकसे का कॉलम : शेयर बाजार में फिलहाल रैली जारी रहने की उम्मीद

अमेरिका-चीन ट्रेड वॉर से क्रूड के दाम गिरे जिसका भारत को फायदा

DainikBhaskar.com| Last Modified - Jul 18, 2018, 11:43 AM IST

Deven chocksey column market will be higher ahead
देवेन चौकसे का कॉलम : शेयर बाजार में फिलहाल रैली जारी रहने की उम्मीद
पिछले हफ्ते निफ्टी में 2.5% और सेंसेक्स में 2.7% की तेजी रही। यह रैली कच्चे तेल के दाम में गिरावट और महंगाई ज्यादा न बढ़ने की संभावना के कारण आई। रुपए में कमजोरी थमने से बांड यील्ड बढ़ा है। इन सबका असर सरकारी और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के शेयरों पर दिखा। अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वार के कारण कच्चे तेल के दाम गिरे हैं। इससे भारत को फायदा है। जब तक चीन से कोई नकारात्मक खबर नहीं आती तब तक यह रैली जारी रहने की उम्मीद है। जून तिमाही के नतीजे भी आने शुरू हो गए हैं। इस तिमाही से आगे जीएसटी का सकारात्मक असर दिखेगा। इसलिए बड़ी और कुछ अच्छी मिडकैप कंपनियों के बुनियादी प्रदर्शन को लेकर हम आश्वस्त हैं। हालांकि ग्लोबल कारणों से बाजार अभी कमजोर है। 
सेक्टर आउटलुक : ऑयल एंड गैस- पिछली तिमाही कच्चे तेल के दामों में तेजी रही। साथ ही तेल-गैस का उत्पादन भी बढ़ा। एक तिमाही पहले की तुलना में ब्रेंट क्रूड 13% बढ़कर 74.1 डॉलर और दुबई क्रूड 12.1% बढ़कर 17.7 डॉलर प्रति बैरल हो गया। अमेरिका द्वारा ईरान पर प्रतिबंध की घोषणा का भी असर हुआ। रुपया इस दौरान 3.5% कमजोर हुआ है। इससे अपस्ट्रीम कंपनियों की कमाई बढ़ने की उम्मीद है। कच्चा तेल महंगा होने से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों का रिफाइनरी मार्जिन घटने के आसार हैं। इसलिए इनके नतीजे कमजोर रहेंगे। ग्लोबल क्रूड प्राइस की तुलना में पेट्रोल और डीजल के दाम कम बढ़े हैं। इसलिए मार्केटिंग मार्जिन भी कम होगा। सिटी गैस कंपनियों की परफॉर्मेंस अच्छी रहने की उम्मीद है। प्रदूषण कम करने और स्वच्छ ईंधन अपनाने की सरकार की मुहिम के चलते गैस की डिमांड बढ़ी है। आईजीएल ने गैस के रिटेल दाम बढ़ाए हैं। हमारा मानना है कि इन कंपनियों की प्रॉफिटेबिलिटी स्थायी रूप से बढ़ेगी। सरकारी अभियानों से एनर्जी मिक्स में गैस की हिस्सेदारी बढ़ेगी। इससे गैस कंपनियों को फायदा होगा। 
एफएमसीजी : एफएमसीजी देश का चौथा बड़ा सेक्टर है। इसमें हाउसहोल्ड व पर्सनल केयर की 50% हिस्सेदारी है। रेवेन्यू में 40% हिस्सेदारी शहरी क्षेत्र की है। 2020 में देश का रिटेल मार्केट 75 लाख करोड़ का होने की उम्मीद है। 2017 में यह 57 लाख करोड़ का था। इसमें सालाना 20-25% ग्रोथ की उम्मीद है। इससे एफएमसीजी कंपनियों को भी ग्रोथ मिलेगी। 2016 में इकोनॉमी में खपत आधारित खर्च 110 लाख करोड़ का था। इसके 2020 तक 245 लाख करोड़ होने की उम्मीद है। सरकार ने फूड प्रोसेसिंग और सिंगल ब्रांड रिटेल में 100% और मल्टी ब्रांड रिटेल में 51% एफडीआई की इजाजत दी है। इससे सप्लाई चैन में रोजगार और ऑर्गेनाइज रिटेल में एफएमसीजी की पहुंच बढ़ेगी। गांवों में भी ब्रांडेड एफएमसीजी की डिमांड बढ़ रही है। यह एफएमसीजी मार्केट सालाना 14.6% की दर से बढ़ रहा है। 2017-18 में एफएमसीजी कंपनियों की कमाई में ग्रामीण क्षेत्र का योगदान 10% था, इस साल यह 15-16% रह सकता है। 
- ये लेखक के निजी विचार हैं। इनके आधार पर निवेश से नुकसान के लिए दैनिक भास्कर जिम्मेदार नहीं होगा। 
 

prev
next
Topics:
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

Trending Now