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छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी परीक्षा, एक्सपर्ट की भरमार फिर भी 100 सही सवाल चुनने में पीएससी फेल

3 वर्ष पहले
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रायपुर.   राज्य का सबसे बड़ा इम्तिहान, राज्य सेवा परीक्षा फिर विवादों में है, वह भी इसलिए क्योंकि राज्य लोक सेवा आयोग (पीएससी) ने इसकी प्रारंभिक परीक्षा में 100 सही सवाल नहीं पूछे। पीएससी में एक्सपर्ट की भरमार होने के बावजूद सही सवालों के चयन में वे लगातार फेल हो रहे हैं। हाईकोर्ट के दखल के बाद अब कुछ सवालों को लेकर फिर से जांच की जाएगी और इसके नतीजे दोबारा जारी होंगे। लेकिन यह पहला मौका नहीं है, जब पीएससी सवालों के घेरे में आई है। ऐसे कारनामे यहां पहले भी हो चुके हैं। इससे सबक न लेते हुए गलती पर गलती की जा रही है। 


साल 2016 में अंग्रेजी असिस्टेंट प्रोफेसर (एपी)  भर्ती परीक्षा में भी गलत सवाल पूछे जाने के कारण पीएससी की अच्छी खासी किरकिरी हुई थी। एक्सपर्ट की देखरेख में अंग्रेजी विषय में कुल 100 प्रश्न तैयार किए गए। परीक्षा भी आयोजित की गई। मॉडल आंसर जब जारी किए गए तब इसमें 47 सवाल को विलोपित किया गया। इसमें से कुछ सवाल सिलेबस के बाहर से थे, जबकि कुछ सवालों के जवाब में दो-दो उत्तर दिए गए थे। इतना होने के बाद पीएससी ने तय किया कि मूल्यांकन शेष 53 सवालों के आधार पर होगा। इसके बाद विवाद की स्थिति बनी और हंगामा हुआ। इसके बाद पीएससी ने अंग्रेजी असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती परीक्षा रद्द की और फिर दोबारा इसका आयोजन किया।

 

यह सिर्फ एक मामला नहीं है, फरवरी 2018 में पीएससी से इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा का आयोजन किया गया। इसके मॉडल आंसर मार्च में जारी हुए। परीक्षा में कुल 150 सवाल पूछे गए। इन सवालों के जवाब के लिए कुल पांच ऑप्शन दिए गए, जैसे- ए, बी, सी, डी और ई। सब कुछ ठीक था। जब मॉडल जारी हुए तब प्रश्न क्रमांक 1 से लेकर 76 तक का जवाब ऑप्शन “ए’ था। इसे लेकर भी विवाद हुआ। इसी तरह साल 2016 की राज्य सेवा परीक्षा में भी कुछ सवालों की वजह से मामला गरमाया था। 


गलती पर हर बार सवाल होते हैं विलोपित
राज्य बनने के बाद 9 बार राज्य सेवा परीक्षा हो चुकी है। जबकि दसवीं बार प्रारंभिक परीक्षा के बाद अब मेंस की तैयारी है। साल 2003, 05, 08, 11, 12, 13, 14, 15, 16 और अब 2017 में यह परीक्षा हुई। हर बार पीएससी में कुछ न कुछ सवाल को विलोपित करने को लेकर विवाद हुआ। मामला गरमाने पर सवालों को विलोपित किया गया। इससे छात्रों को ही नुकसान उठाना पड़ा। 

 

हर सवाल अहम, 8-10 में संदेह 
साल 2017 की पीएससी प्रारंभिक परीक्षा के तहत सी-सेट और सामान्य अध्ययन का पेपर हुआ। दोनों पेपर में 100-100 सवाल थे। हर सवाल दो अंक का था। सी-सेट में सिर्फ क्वालिफाई के लिए था। जबकि सामान्य अध्ययन के अंक मेरिट में भी जोड़े गए। इसके आधार पर ही मेरिट सूची बनी। इसमें पूछे गए सवालों को लेकर ही विवाद है। पीएससी कोचिंग से जुड़े एक्सपर्ट ने बताया कि करीब आठ-दस प्रश्न को लेकर विवाद है। इसकी ही जांच होगी। इस पेपर में हर प्रश्न महत्वपूर्ण है। कई परीक्षार्थी कुछ अंकों की वजह से बाहर हुए हैं। अब यदि दोबारा रिजल्ट जारी होता है और उसमें प्रश्नों का मसला सुलझा लिया जाता है तो फिर कुछ अन्य कैंडिडेट भी मेंस की लिस्ट में शामिल हो जाएंगे।

 

 

सवालों के चयन में दिखाएं गंभीरता 
राज्य में राज्य सेवा परीक्षा समेत अन्य भर्ती परीक्षाओं के एक्सपर्ट अंकित अग्रवाल का कहना है कि सवालों को लेकर विवाद उठने से पीएससी की विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं। इसलिए सवालों के चयन में गंभीरता दिखानी चाहिए। उन प्रश्नों का ही चयन करें जो विवादित नेचर का न हो। इसी तरह मॉडल आंसर जारी करने से पहले भी काफी सावधानी बरतें। 

 

हाईकोर्ट के निर्देश का पालन किया जाएगा 
पीएससी के प्रभारी परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश की कॉपी अभी नहीं मिली है। इसमें क्या निर्देश है, पता नहीं है। कोर्ट का जो भी फैसला  आया होगा, उसका पालन होगा।

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