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डाउनलोड करेंरांची. कांग्रेस के जिलाध्यक्षों के भाग्य का फैसला 19 को दिल्ली में हो सकता है। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी ने जिलाध्यक्षों के मामले समेत अन्य संगठनात्मक मु्द्दे पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं जोनल प्रभारियों की बैठक बुलाई है। बैठक में विधानसभा प्रभारियों के नामों पर भी चर्चा होनी है। हो सकता है कि उनके नाम को अंतिम रूप दिया जाए। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी आरपीएन सिंह ने प्रस्तावित नाम के साथ ही प्रदेश अध्यक्ष को दिल्ली बुलाया है।
- किन जिलाध्यक्षों को हटाया जाना चाहिए और क्यों हटाया जाना चाहिए , उनके स्थान पर किन्हें जिलों की कमान दी जाए, विधानसभा प्रभारी के रूप में किसका चयन किया जाए। इससे संबंधित सूची भी तैयार कर ली गई है। इन सूची में शामिल लोगों के नाम पर विचार किया जाना है।
- कोई भी कांग्रेस नेता अपने विधानसभा क्षेत्र में विधानसभा प्रभारी नहीं बन पाएंगे। प्रभारी की जिम्मेदारी भी उन्हीं नेताओं को दी जाएगी जो चुनाव लड़ने के इच्छुक नहीं हैं या चुनाव लड़ने से मना कर चुके हैं। विधानसभा प्रभारियों में 40 लोगों को भविष्य में प्रदेश संगठन में सचिव पद की जिम्मेदारी मिल सकती है। विधानसभा प्रभारियों का चयन तत्काल होगा। जबकि लोकसभा प्रभारियों का भी चयन किया जाना है। संभव है इसमें कुछ समय लगेगा। हालांकि जिन्हें लोकसभा का प्रभारी बनाया जाएगा उन्हें भविष्य में प्रदेश महासचिव की जिम्मेदारी भी दी जा सकती है।
- लंबे समय से जिलाध्यक्ष के पद पर रहे नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी देने की बात चल रही है दूसरी ओर निष्क्रिय जिलाध्यक्षों को हटाकर उन्हें खास जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। रांची महानगर, हजारीबाग, रामगढ़, सरायकेला-खरसावां, पलामू, चतरा, धनबाद, गोड्डा, गढ़वा के जिलाध्यक्षों को बदले जाने की चर्चा है।
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