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डाउनलोड करेंमुंगेर. सरकार में बड़े पदों पर बैठे अधिकारी अक्सर अपने सख्त रवैये के लिए जाने जाते हैं, लेकिन कुछ ऐसे भी अधिकारी होते हैं जो अपनी दरियादिली से सबका दिल जीत लेते हैं। मुंगेर डीएम आनंद शर्मा भी मातहतों के बीच काफी सख्त मिजाज के माने जाते हैं, लेकिन शुक्रवार को उन्होंने मानवता की मिसाल पेश की।
दरअसल जिलाधिकारी दिन में लगभग दो बजे शहर के कौड़ा मैदान के पास से अपनी गाड़ी से गुजर रहे थे। अचानक सड़क किनारे उनकी नजर पड़ी जहां कुछ लोग घेरा बनाकर खड़े थे। डीएम ने गाड़ी रुकवाई और भीड़ के बीच पहुंच गए। वहां एक महिला जख्मी होकर बेहोश पड़ी थी। सिर से लगातार खून बह रहा था। पास में पति पत्नी को अस्पताल ले जाने के लिए वाहन के इंतजार में खड़ा था।
डीएम ने तत्काल अपने स्टाफ से महिला को अपनी गाड़ी में बैठाया और उसे लेकर सदर अस्पताल पहुंचे। रास्ते से ही डीएम ने अस्पताल में फोन कर महिला के इलाज की तत्काल व्यवस्था करने को कहा। लगभग 2.10 बजे डीएम की गाड़ी सदर अस्पताल के पोर्टिको में पहुंची। वहां पहले से ही स्टाफ स्ट्रेचर लेकर खड़ा था। महिला को तत्काल इमरजेंसी में ले जाया गया। समय पर इलाज मिलने से महिला की जान बच गई।
धूप में चक्कर आने से बाइक से गिर गई थी ज्योति
हेरू दियारा निवासी घायल ज्योति कुमारी गर्भवती है। गुरुवार की दोपहर वह डॉक्टर से चेकअप कराकर अपने पति गौरव कुमार के साथ बाइक से लौट रही थी। तेज धूप के कारण उसे चक्कर आ गया और कौड़ा मैदान के पास वह बाइक से गिर गई। गौरव कुमार बेहोश पत्नी को अस्पताल पहुंचाने के लिए परेशान था।
मौके पर भीड़ तो जुटी मगर मदद को नहीं बढ़े हाथ
महिला को सड़क के किनारे बेहोश देख लोगों की भीड़ जुटना शुरू हो गई थी। लोग घेरा बनाकर सिर्फ तमाशबीन बने रहे। महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए उसके पति की मदद करने को कोई भी आगे नहीं आया। यह संयोग था कि उसी बीच डीएम पहुंच गए और उन्होंने महिला को अस्पताल पहुंचाया अन्यथा अधिक खून बहने से महिला की जान खतरे में पड़ सकती थी।
यह मेरी ड्यूटी भी
किसी कि मदद करना मेरी ड्यूटी है। मैं सभी लोगों से अपील करता हूं कि कहीं भी घायल को देखें तो वहां मजमा न लगाएं। बल्कि मदद के लिए आगे आएं।
आनंद शर्मा, जिलाधिकारी
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