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डाउनलोड करेंरायपुर. सीट आवंटन में देरी के कारण अंबेडकर अस्पताल में नए जूनियर डॉक्टर नहीं आ रहे हैं। इससे विभिन्न विभागों में जूडो की संख्या कम हो गई है। जूडो सीनियर डॉक्टरों को मरीजों के इलाज व ऑपरेशन में मदद करते हैं। चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि हाईकोर्ट का फैसला आ गया है। पोस्ट ग्रेजुएट सीटों का आवंटन जल्द किया जाएगा।
इस साल पीजी सीटों के आवंटन में देरी हो गई है। कुछ डॉक्टरों ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर बोनस अंकों के आवंटन पर सवाल उठाए हैं। डॉक्टरों का कहना है कि शासन ने ऐसा नियम बना दिया है, जिससे दुर्गम क्षेत्रों में काम करने वाले व मेडिकल कॉलेजों में काम कर रहे डॉक्टरों का नुकसान हो रहा है। हाईकोर्ट ने दूरस्थ क्षेत्र में काम करने वाले मेडिकल अफसरों को 10 अंक बोनस के देने व मूल निवासियों को प्राथमिकता देने कहा है। अंबेडकर अस्पताल में स्टेट कोटे से 58 व आल इंडिया कोटे से इतने ही यानी कुल 116 डॉक्टर आते हैं।
नॉन क्लीनिकल विभागों को छोड़कर 80 से ज्यादा डॉक्टर क्लीनिकल विभाग में आते हैं, जो सीधे मरीजों का इलाज करते हैं। मेडिसिन, गायनी, रेडियोलॉजी, सर्जरी, पीडिया, ऑर्थोपीडिक्स, ईएनटी के जूडो मरीजों के इलाज व ऑपरेशन में काफी मददगार होते हैं। डीएमई कार्यालय में एडिशनल डाॅयरेक्टर डॉ. निर्मल वर्मा ने बताया कि हाईकोर्ट का आदेश मिल गया है। सोमवार से पीजी सीटों का आवंटन किया जा सकता है।
एमडीएस सीटों पर भी रोक
मेडिकल पीजी के बाद अब एमडीएस सीटों के आवंटन पर भी रोक लग गई है। राजनांदगांव के छत्तीसगढ़ निजी डेंटल कॉलेज प्रबंधन ने अपने आपको अल्पसंख्यक कॉलेज बताया है। इस संबंध में हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। कॉलेज ने कहा है कि अल्पसंख्यक कॉलेज के कारण वहां आरक्षण नियमों का पालन नहीं किया जाएगा।
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