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ट्रम्प ने न्यूयॉर्क टाइम्स में अपने खिलाफ छपे लेख की जांच के आदेश दिए, कहा- अखबार पर हो सकती है कार्रवाई

ट्रम्प ने अमेरिकी अफसर के लेख को देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ बताया

Danik Bhaskar | Sep 08, 2018, 04:00 PM IST

  • एनवाईटी में एक अमेरिकी अफसर ने अपना नाम जाहिर किए बिना लेख लिखा था, ट्रम्प के फैसलों को गलत बताया था
  • व्हाइट हाउस ने कहा था कि अफसर का पता लगाकर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी

न्‍यूयॉर्क. अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रम्प ने न्‍यूयॉर्क टाइम्‍स में अपने खिलाफ छपे लेख की जांच के आदेश शुक्रवार देर रात जारी किए। जांच का जिम्मा डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस के एटार्नी जनरल जेफ सेशन्स को सौंपा गया। ट्रम्प ने कहा कि जेफ उस लेखक (अनाम अफसर) को सामने लाएंगे, जिसने देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया। उन्होंने कहा कि वह अखबार न्‍यूयॉर्क टाइम्‍स के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं।

दो दिन पहले ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन से जुड़े एक अफसर ने न्यूयॉर्क टाइम्स में 'आई एम पार्ट ऑफ रेजिस्टेंस इनसाइड द ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन' नाम से लेख लिखा। इसमें कहा गया कि डोनाल्ड ट्रम्प के फैसले देश के लिए नुकसानदेह साबित हो सकते हैं।

'ट्रम्प के रहते यह जारी रहेगा': लेख में कहा गया था- "हमें सबसे पहले देश के लिए काम करना है, न कि किसी व्यक्ति के लिए। ट्रम्प द्वारा नियुक्त किए गए लोग कैसे हमारी लोकतांत्रिक संस्थाओं को बचाएंगे जबकि वे उनकी नीतियों को ही लागू कर रहे हैं। यह सब ट्रम्प के व्हाइट हाउस में रहने तक जारी रहेगा।" लेख में अफसर ने अपने नाम का खुलासा नहीं किया। इस लेख को व्हाइट हाउस ने अफसर की कायराना हरकत करार दिया।

अखबार ने कहा- यह शक्ति का दुरुपयोग: न्यूयॉर्क टाइम्स ने ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन के जांच करने के फैसले को गलत बताया। इसे शक्ति का दुरुपयोग करार दिया। अखबार ने कहा- "हमें पूरा भरोसा है कि डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस सरकारी शक्ति के दुरुपयोग का जरिया नहीं बनेगा।"

ट्रम्प ने कहा था- लेख के तथ्य गलत: डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा था कि जिस अनाम अफसर ने आर्टिकल लिखा, उसने सब गलत कारण गिनाए। न्यूयॉर्क टाइम्स नाकाम हो रहा है। अगर मैं यहां नहीं रहूंगा तो एनवाईटी भी नहीं रहेगा। ट्रम्प ने कहा था- "मैं फेल हो रहे न्यूयॉर्क टाइम्स से कहना चाहता हूं कि जिसके बारे में अखबार लिख रहा है वह प्रशासन में प्रतिरोध का हिस्सा है। हमें इसी से निपटना है।"