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डाउनलोड करेंपटना. राजधानी में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन कर रही एजेंसियों को हटाया जाएगा। शनिवार को नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति ने एक वर्ष, एक माह और 12 दिन से काम कर रही दोनों एजेंसियों पाथ्या और निश्का को टर्मिनेट करने का प्रस्ताव पारित किया। 24 मई को होने वाली निगम बोर्ड की बैठक में इसपर मुहर लगने के बाद इन एजेंसियों की छुट्टी हो जाएगी। इसके बाद पार्षदों से सुझाव लेकर नगर निगम अपने संसाधन से डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन करेगा।
मेयर सीता साहू ने कहा कि इन्हीं एजेंसियों के कारण पटना सफाई सर्वेक्षण में पिछड़ गया है। निगम के सहयोग के बाद भी एजेंसियां हर घर तक नहीं पहुंचीं। बार-बार अल्टीमेटम देने के बाद भी काम में सुधार नहीं हुआ। डिप्टी मेयर विनय कुमार पप्पू ने कहा कि हर पार्षद ने इन एजेंसियों के खिलाफ लिखित शिकायत की है। बैठक में स्थायी समिति के सदस्य इंद्रदीप चंद्रवंशी, दीपा रानी खान, पिंकी कुमारी, कंचन देवी व विकास कुमार उपस्थित थे।
नाला उड़ाही की हर हफ्ते बनेगी रिपोर्ट
मेयर की अध्यक्षता में सभी वार्डों में चल रहे नाला उड़ाही की रिपोर्ट तैयार होगी। स्थायी समिति के सातों सदस्यों को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। मेयर ने कहा कि बारिश शुरू होने तक हर हफ्ते नाला उड़ाही की रिपोर्ट देनी होगी। परेशानी होने पर मेयर नगर आयुक्त से बात करेंगी। डिप्टी मेयर ने कहा उनके वार्ड 28 को जांच की श्रेणी से बाहर रखा गया है। यहां नाला उड़ाही की जांच होनी चाहिए। इसपर मेयर ने कहा कि वार्ड 6, 28 व 60 गलती से छूट गए हैं। इन्हें जल्द जांच दल को दे दिया जाएगा। वार्ड 41 की पार्षद कंचन देवी ने कहा कहीं भी ठीक से नाले की सफाई नहीं हो रही है। वार्ड 21 की पार्षद पिंकी कुमारी ने कहा कि मोहनपुर संप हाउस और आर ब्लॉक नाले के पास सिल्ट सड़क पर ही छोड़ दिया गया है। इंद्रदीप चंद्रवंशी और दीपा रानी खान ने भी सिल्ट नहीं उठने की शिकायत की। इसपर निगम के अधिकारियों और पार्षदों के बीच नोकझोंक भी हुई। नगर आयुक्त ने कहा कि रिपोर्ट तैयार कराकर कार्रवाई की जाएगी।
हर वार्ड में कलेक्शन के लिए लगेगा शिविर
टैक्स कलेक्शन में बढ़ोतरी के लिए स्थायी समिति ने राजधानी के सभी वार्डों में विशेष शिविर लगाने का फैसला लिया है। शिविर की तिथि निर्धारित करने के लिए कार्यपालक पदाधिकारियों से रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है।
मेयर ने कहा-अफसरों को बदलना जरूरी
मेयर सीता साहू ने कहा कि नगर निगम में अधिकारी जानबूझकर फाइलों को उलझा कर रखते हैं। जबतक अधिकारियों को बदला नहीं जाता, निगम के हालात नहीं बदलने वाले। वित्त लेखा नियंत्रक की जरूरत को देखते हुए जल्द ही फिर से डिप्टी सीएम को पत्र लिखा जाएगा।
मीठापुर बस स्टैंड के दैनिक कर्मियों ने मेयर को घेरा
मीठापुर बस स्टैंड की बंदोबस्ती के बाद नगर निगम के 32 दैनिक कर्मी सड़क पर हैं। यहां की जिम्मेदारी प्राइवेट एजेंसी को दिए जाने के बाद चुंगी वसूली से लेकर अन्य कार्यों में लगे कर्मचारी कार्यमुक्त हो गए हैं। शनिवार को स्थायी समिति की बैठक के बाद इन कर्मचारियों ने मेयर सीता साहू का घेराव किया। मेयर ने उनकी प्रतिनियुक्ति दूसरे स्थान पर करने का आश्वासन दिया है।
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