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टेलीकॉम कंपनियों को सरकार के निर्देश- वर्चुअल आईडी के इस्तेमाल के लिए सिस्टम दुरुस्त कर लें

मोबाइल ग्राहक 1 जुलाई से वर्चुअल आईडी इस्तेमाल कर सकेंगे, आधार नंबर देने की जरूरत नहीं।

DainikBhaskar.com| Last Modified - Jun 13, 2018, 03:08 PM IST

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DoT asks telcos to tweak systems for use of virtual IDs, limited KYC
पॉस मशीन पर ना तो आधार नंबर डिस्प्ले होगा ना ही वर्चुअल आईडी नंबर, ये सिर्फ मास्क्ड फॉर्म (छिपा हुआ) में दिखेगा।- सिंबॉलिक

  • टेलीकॉम कंपनियों को अपने डेटाबेस से मौजूदा ग्राहकों के आधार नंबर हटाने होंगे
  • यूआईडीएआई भी टेलीकॉम कंपनियों से आधार नंबर शेयर नहीं करेगा

 

नई दिल्ली. सरकार ने टेलीकॉम कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि आधार नंबर की जगह वर्चुअल आईडी यूज करने के लिए वो अपना सिस्टम दुरुस्त कर लें। साथ ही कहा कि मोबाइल उपभोक्ताओं के लिए कंपनियां सीमित केवाईसी व्यवस्था शुरू करें। सरकार 1 जुलाई से आधार नंबर की जगह वर्चुअल आईडी की व्यवस्था लागू कर रही है। आधार संबंधी डिटेल्स के गलत इस्तेमाल की शिकायतों के बीच डेटा प्राइवेसी और सुरक्षा के लिए इसे लागू किया जा रहा है। 

 

ग्राहकों को मिलेगा विकल्प
- टेलीकॉम डिपार्टमेंट के मुताबिक, नई सिम लेने वालों और पुराने ग्राहकों के लिए टेलीकॉम कंपनियों को नई व्यवस्था लागू करनी होगी। आधार बेस्ड वेरिफिकेशन का विकल्प देने के लिए ये बदलाव किए जा रहे हैं। ये ग्राहकों पर निर्भर करेगा कि वो आधार नंबर देते हैं, या वर्चुअल आईडी। ऑपरेटर पॉस मशीन पर नंबर को मास्क्ड फॉर्म (छिपा हुआ) में डिस्प्ले करेंगे और ये सुनिश्चित करना होगा कि ये नंबर उनके डेटाबेस में स्टोर ना हो। 

 

क्या है वर्चुअल आईडी?
- 16 डिजिट का अस्थाई नंबर, जिसे आधार की जगह इस्तेमाल किया जा सकेगा
- इसके तहत आधार में मिलने वाली विस्तृत जानकारियों की जगह पर सीमित सूचनाएं ही मिल पाएंगी
- यूजर आधार नंबर से वर्चुअल आईडी तैयार कर सकेंगे
 
वर्चुअल आईडी के फायदे
- वर्चुअल आईडी बनने से किसी भी डॉक्यूमेंट के वेरिफिकेशन के दौरान आधार नंबर देने की जरूरत नहीं होगी
- वर्चुअल आईडी से ही नाम, पता और फोटोग्राफ का वेरिफिकेशन हो जाएगा 
- यूजर हर बार नई वर्चुअल आईडी बना सकेगा, पुरानी आईडी कैंसिल हो जाएगी
- एजेंसियों को आधार कार्ड होल्डर की ओर से वर्चुअल आईडी जेनरेट करने की अनुमति नहीं होगी 

 

यूआईडीएआई के पोर्टल से बना सकेंगे वर्चुअल आईडी
- आयूआईडीआई पोर्टल के जरिए आधार नंबर डालने के बाद सिक्युरिटी कोड डाला जाएगा। इसके बाद रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा। ओटीपी नंबर डालने के बाद आधार वर्चुअल आईडी बनाने का विकल्प आएगा। आईडी बनते ही रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर 16 डिजिट के नंबर का मैसेज आएगा। 

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नई व्यवस्था के तहत ग्राहकों को ये विकल्प मिलेगा कि वो वेरिफिकेशन के लिए आधार नंबर दें या फिर वर्चुअल आईडी।- फाइल
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