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डाउनलोड करेंइंदौर। दिल्ली पब्लिक स्कूल की बस दुर्घटना मामले में दायर जनहित याचिकाओं पर प्रदेश सरकार की लेटलतीफी के प्रति हाई कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की है। मंगलवार को हुई सुनवाई में चौथी बार सरकार, प्रशासन, स्कूल प्रबंधन, केंद्र सरकार ने जवाब के लिए वक्त लिया तो कोर्ट ने नाराजगी जाहिर की। जस्टिस पीके जायसवाल, जस्टिस वीरेंदर सिंह की डिविजन बेंच ने निर्देेश दिए हैं कि एक सप्ताह के भीतर सभी पक्ष अपना जवाब पेश करें।
- स्कूल प्रबंधन, आरटीओ के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज करने, स्कूल बस को फर्जी तरीके से फिटनेस सर्टिफिकेट दिए जाने सहित कई मुद्दों पर याचिका दायर की गई है। एक याचिकाकर्ता के वकील मनीष यादव के मुताबिक मंगलवार को सुनवाई के दौरान फिर समय मांग लिया गया।
- जनवरी में याचिकाएं दायर हुई थीं। उसी समय कोर्ट ने नोटिस जारी किए थे। चार महीने से ज्यादा समय हो चुका, लेकिन अब तक जवाब पेश नहीं हुआ। मजिस्ट्रियल जांच में भी स्कूल प्रबंधन की लापरवाही मानी गई हैै। अब तक किसी पर कार्रवाई नहीं हुई है। जिन बच्चों की मृत्यु हुई थी, उनके परिजन अब तक पुलिस, प्रशासन के चक्कर लगा रहे हैं।
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