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डाउनलोड करेंग्वालियर. हेरिटेज सर्किट का हिस्सा बन चुके बैजाताल में पहली बार नाव चलती नजर आएगी। पर्यटकों को बैजाताल के साथ-साथ स्वर्ण रेखा में फिर से नौका विहार करने का मौका मिलेगा। नगर निगम ने अत्याधुनिक सीवर ट्रीटमेंट प्लांट जल विहार में कुएं के पास लगाना फाइनल कर दिया है। ग्रीन बेल्ट होने के कारण जल विहार में फोल्डिंग सीवर ट्रीटमेंट प्लांट ही लगेगा। जरूरत पड़ने पर इसे दूसरी जगह शिफ्ट भी किया जा सकेगा। अगले दो-तीन महीने में बैजाताल और स्वर्ण रेखा में नाव चलती नजर आएगी। साथ ही तैरते रंगमंच पर रंगारंग कार्यक्रम होंगे।
नगर निगम ने ट्रीटमेंट प्लांट के लिए टेंडर जारी किए थे। इसके लिए दो कंपनियों ने ही टेंडर डाले हैं। यह प्रक्रिया अंतिम चरणों में पहुंच चुकी है। जैसे ही टेंडर फाइनल होगा, वैसे ही कंपनी प्लांट लगाने का काम शुरू कर देगी।
10 लाख क्षमता का प्लांट
जलविहार के कुएं के पास लगने वाले सीवर ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता 10 हजार लीटर की होगी। इसके लिए सीवर का पानी फूलबाग के पास से लाया जाएगा। पानी को फिल्टर करने के लिए सेन्ट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के मानकों का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
ये रहेगा नाव का रूट: प्लांट लगने के बाद गुरुद्वारा से लक्ष्मीबाई समाधि स्थल तक नाव का संचालन पूर्व की भांति किया जाएगा। बैजाताल में ताल का क्षेत्र ही पर्यटकों के लिए बोटिंग के लिए होगा। इसमें पैडल बोट चलाई जाएंगी। कोशिश तो यह भी है कि पेट्रोल चलित बोट भी चलाई जा सके।
बैजाबाई ने कराया था निर्माण: पुरातत्वविद् रमाकांत चतुर्वेदी के अनुसार, मोतीमहल के निर्माण के काफी समय बाद 1874 के बैजाताल का निर्माण कराया गया था। इसका निर्माण सिंधिया वंश की बैजाबाई ने कराया था। 1986 में आयुक्त अजय शंकर ने इसे पक्का कराया और तैरते रंगमंच पर कार्यक्रम कराए।
पर्यटन क्षेत्र विकसित होगा
मेयर विवेक नारायण शेजवलकर ने बताया कि बैजाताल व स्वर्ण रेखा में पानी भरने के लिए सीवर ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जा रहा है। दोनों स्थलों पर नाव संचालन का काम किया जाएगा। आने वाले दिनों में फूलबाग का क्षेत्र एक पर्यटन स्थल के रूप में सामने आएगा।
नगर निगम आयुक्त विनोद शर्मा ने बताया कि सीवर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए दो कंपनियों ने टेंडर डाले हैं। जल्द ही टेंडर फाइनल किए जाएंगे। उसके बाद कंपनी आकर काम करेगी। बहुत जल्द ही वहां पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
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