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व्यापार घाटा 16.6 अरब डॉलर पहुंचा, 43 महीने में सबसे ज्यादा; जून में एक्सपोर्ट 17.5% बढ़ा

नवंबर 2014 में व्यापार घाटा 16.86 अरब डॉलर के स्तर पर था

Danik Bhaskar | Jul 14, 2018, 10:07 AM IST
जून में 27.7 अरब डॉलर का निर्यात, जून में 27.7 अरब डॉलर का निर्यात,

नई दिल्ली. जून में भारत का निर्यात 17.5% बढ़कर 27.7 अरब डॉलर रहा है। लेकिन महंगे क्रूड ऑयल के आयात से व्यापार घाटा 43 महीने (करीब साढ़े तीन साल) की ऊंचाई पर पहुंच गया। जून में इसका आंकड़ा 16.6 अरब डॉलर रहा है। निर्यात और आयात में अंतर को व्यापार घाटा कहते हैं। यह नवंबर 2014 में 16.86 अरब डॉलर के स्तर पर था। पिछले महीने आयात 21.31% बढ़कर 44.3 अरब डॉलर रहा है। वाणिज्य मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को जारी आंकड़ों में यह जानकारी सामने आई है।
निर्यात में बढ़ोतरी पेट्रोलियम और केमिकल सेक्टर की वजह से देखने को मिली। फार्मा, जेम्स एंड ज्वैलरी और इंजीनियरिंग गुड्स क्षेत्र के निर्यात में भी पॉजिटिव ग्रोथ दर्ज हुई है। लेकिन टेक्सटाइल्स, लेदर, मरीन प्रोडक्ट्स, पोल्ट्री, काजू, चावल और कॉफी क्षेत्र में निगेटिव ग्रोथ देखने को मिली है। जून में गोल्ड इम्पोर्ट करीब 3% घटकर 2.38 अरब डॉलर रहा। इस बीच, रिजर्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक, मई में देश के सर्विस सेक्टर का निर्यात 7.91% घटकर 16.17 अरब डॉलर रहा। जबकि आयात 10.21 अरब डॉलर रहा।
2018-19 की अप्रैल-जून तिमाही में भारत का निर्यात 14.21% बढ़कर 82.47 अरब डॉलर दर्ज हुआ है। वहीं, इस दौरान आयात 13.49% बढ़कर 127.41 अरब डॉलर रहा है। तिमाही में देश का व्यापार घाटा 2.35% बढ़कर 44.94 अरब डॉलर रहा। यह पिछले साल समान तिमाही में 40 अरब डॉलर था।

चालू खाता घाटा बढ़ने का खतरा : निर्यातकों के संगठन फियो ने बढ़ते व्यापार घाटे पर चिंता जताई है। उसका कहना है कि इससे चालू खाते का घाटा बढ़ सकता है जो राजकोषीय मोर्चे पर सरकार के लिए चिंता बढ़ा देगा। फियो के प्रेसिडेंट गणेश गुप्ता ने कहा कि एमएसएमई सेक्टर की इकाइयां अब भी नकदी संकट से जूझ रही हैं। बैंक इनके लिए कर्ज बांटने के नियम लगातार सख्त करते जा रहे हैं।