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डाउनलोड करेंउमर फ़ारूक़
बीबीसी संवाददाता, हैदराबाद
आंध्र प्रदेश की एक अदालत ने सोशल नेटवर्किंग साइट पर अपमानजनक टिप्पणी करने पर एक महिला को 12 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.
प्रकाशम जिला पुलिस ने स्थानीय विधायक कृष्णा मोहन की शिकायत पर पीपल्स यूनियन ऑफ़ सिविल लिबर्टीज की आंध्र प्रदेश शाखा अध्यक्ष जया विन्ध्यालय को गिरफ्तार कर एक जज के सामने पेश किया था.
विधायक ने शिकायत की थी कि जया विन्ध्यालय ने उनके और तमिलनाडु के राज्यपाल के रोसैया के ख़िलाफ़ फेसबुक पर अपमानजनक बातें लिखी हैं.
\'राजनैतिक कारण\'जया विन्ध्यालय, इस समय ओंगोल की जेल में हैं. इस मामले पर उनका पक्ष नहीं मिल सकता है. उनके वकील उनकी ज़मानत याचिका अदालत में दाखिल कर रहे हैं. जया खुद भी वकील हैं.
प्रकाशम् जिले के एसपी के रहगुरामी रेड्डी ने बीबीसी को बताया कि पूछताछ में जया विन्धयालय ने अपनी टिप्पणियों को सही ठहराया था.
पुलिस का कहना है कि फेसबुक पर जो लिखा गया है उसके लिए जया विन्ध्यालय के डेटा कार्ड कनेक्शन का ही उपयोग किया गया था.
जया को इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी कानून की धरा 66 के तहत गिरफ्तार किया गया है. अगर उन पर यह अपराध सिद्ध हो जाता है तो उन्हें तीन वर्ष कैद तक की सजा हो सकती है.
तमिलनाडु के राज्यपाल रोसैया भी प्रकाशम जिले से ही हैं. अपनी गिरफ्तारी से पहले जया ने कहा था कि विधायक कृष्ण मोहन उन्हें राजनैतिक कारणों से निशाना बना रहे हैं.
एसपी ने बताया कि पुलिस और विधायक ने फेसबुक को आपत्तिजनक टिप्पणियों को हटाने के लिए कहा है.
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