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डाउनलोड करेंनेशनल डेस्क. 6 अप्रैल को सूरत में 11 साल की बच्ची का शव मिला था। लड़की के शरीर पर 80 से ज्यादा चोट के निशान थे। रिपोर्ट के मुताबिक बच्ची से रेप के बाद हत्या की गई थी। बच्ची की मौत को लेकर सोशल मीडिया पर खबर फैली की हरीश ठाकुर नाम के एबीवीपी कार्यकर्ता ने बच्ची की हत्या की। सोशल मीडिया पर पोस्टर भी वायरल हुए जिसमें लिखा था कि गुजरात में बीजेपी कार्यकर्ता ने 8 साल की बच्ची का रेप कर हत्या की। लेकिन इस वायरल खबर की सच्चाई कुछ और ही है।
सूरत पुलिस ने ट्वीट कर दी सफाई
वायरल हो रही खबर पर सूरत पुलिस ने एक ट्वीट किया। जिसमें लिखा गया कि ये पूरी तरह से गलत है। अभी मामले की जांच की जा रही है। सूरत क्राइम ब्रांच केस की पड़ताल कर रहा है। प्लीज गलत मैसेज न फैलाएं।
- ऑल्ट न्यूज वेबसाइट के मुताबिक वायरल मैसेज में जिस हरीश ठाकुर का नाम आ रहा है। उसपर अमर उजाला अखबार ने 19 मार्च 2018 को एक स्टोरी पब्लिश की थी। जिसमें एबीवीपी कार्यकर्ता हरीश ठाकुर पर किसी दूसरे मामले में हत्या और रेप का आरोप था। वायरल खबर में वहीं से हरीश ठाकुर का नाम लिखकर फेक न्यूज फैलाई जा रही है।
बच्ची की हत्या के मामले में कहां तक पहुंची जांच
दुष्कर्म मामले में बच्ची की पहचान हो गई है। बच्ची आंध्र प्रदेश की बताई गई है और रिपोर्ट्स के मुताबिक, वो पिछले साल अक्टूबर से ही घर से गायब थी। सूरत के पुलिस कमिश्नर सतीश शर्मा ने कहा कि पीड़िता के घर वाले सूरत पहुंच चुके हैं और उनका डीएनए टेस्ट करवाया जाएगा।
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