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ढाई लाख परिवारों का होगा 5 लाख रुपए का सेहत बीमा, प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों से करवा पाएंगे इलाज

3 वर्ष पहले
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जालंधर.    आयुष्मान भारत स्कीम के तहत पंजाब के लगभग 14 लाख परिवारों का सालाना पांच लाख रुपए की हेल्थ इंश्योरेंस किया जाएगा। प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों में उनके परिवार का प्रति वर्ष पांच लाख रुपए तक का इलाज फ्री होगा। असिस्टेंट सिविल सर्जन डॉ. एसएस मान को वीरवार को सेहत विभाग से चिट्ठी मिली है कि वह 7 मई तक जिले के सभी संभावित लाभार्थियों का डाटा जुटा लें। 

 

डॉ. मान ने बताया कि जालंधर राज्य के उन जिलों में शामिल है, जिनके इस स्कीम के सबसे ज्यादा लाभार्थी होंगे। पूरे देश में लगभग 10 करोड़ परिवारों को इस स्कीम का फायदा होगा। सोमवार को सेहत विभाग के सीनियर अफसरों की एक मीटिंग में हुई चर्चा में पंजाब के लगभग 14 लाख परिवार ऐसे हैं जिन्हें इस स्कीम का फायदा मिलने की संभावना है। इनमें से जालंधर के लगभग ढाई लाख परिवार शामिल होंगे। 

 

आज पीएम छत्तीसगढ़ में स्कीम करेंगे लांच
आयुष्मान भारत स्कीम के तहत जिले में दर्जनों हेल्थ वेलनेस सेंटर बनाए जाएंगे जहां शुरुआती सेहत सेवाएं मिलेंगी। इस स्कीम में 60 प्रतिशत हिस्सेदारी केंद्र और 40 प्रतिशत हिस्सेदारी राज्य सरकार की होगी। शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छत्तीसगढ़ से इस स्कीम को लांच करने जा रहे हैं। इसके साथ ही पूरे देश में स्कीम का आगाज हो जाएगा।

 

सालाना प्रीमियम बनेगा 50 करोड़ रुपए
नीति आयोग के जानकारों के मुताबिक एक पॉलिसी पर सरकार का लगभग 2000 रुपए खर्च आएगा। ऐसे में जिले के कुल 2.5 लाख कार्ड धारकों पर कुल खर्च 50 करोड़ रुपए के आसपास बैठेगा। इसमें केंद्र सरकार का 30 करोड़ और पंजाब का 20 करोड़ रुपए का योगदान रहेगा। लोगों को कार्ड फ्री या नाममात्र प्रीमियम पर मिलेगा।

 

 

7 मई तक लिस्ट, अगस्त तक लागू होगी स्कीम
लोकसभा चुनाव की तैयारी से पहले मोदी सरकार इसे लागू करना चाहती है। 7 मई तक लाभार्थियों की लिस्ट तैयार करने व 15 अगस्त से पहले स्कीम देशभर में लागू करने का प्लान है। स्कीम लागू हो जाती है तो यह दुनिया की सबसे बड़ी हेल्थ स्कीम होगी। इसके तहत बड़े बड़े कार्पोरेट अस्पतालों में भी एक आम आदमी अपना इलाज करवा पाएगा।

 

फंड की कमी   योजनाओं का बुरा हाल

 

फंड की कमी के कारण जरूरतमंदों को वेलफेयर स्कीमों का फायदा नहीं मिल पा रहा। ऐसे में केंद्र सरकार की इस बड़ी स्कीम को राज्य में लागू करने के लिए सरकार के पास पर्याप्त फंड कैसे उपलब्ध होगा यह बड़ा सवाल है।

 

धोबी, चौकीदार, भिखारी, बेघरों को भी मिलेगा लाभ
इस स्कीम में जिले के 2.5 लाख लोग शामिल होंगे। इनमें शामिल होने वालों में बेघर, लावारिस, भिखारी, हाथ से मैला ढोने वाले और आदिम आदिवासी, भूमिहीन मजदूर, डोमेस्टिक वर्कर, निर्माण मजदूर, प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन, मिस्त्री, दर्जी, ट्रांसपोर्ट वर्कर, रिक्शा चलाने वाले, रेहड़ा चलाने वाले, धोबी, चौकीदार, कचरा बीनने वाले,  भिखारी इत्यादि हैं।

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