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डाउनलोड करेंगाजा. ये तस्वीर उस मां की है, जिससे उसकी आठ महीने की बच्ची छिन गई। इस बच्ची का जुर्म सिर्फ इतना था कि वो उस भीड़ का हिस्सा थी, जो इजरायल और अमेरिका के खिलाफ आवाज उठा रही थी। वो इजरायली सेना की ओर से प्रदर्शनकारियों पर छोड़े गए आंसू गैस के गोलों का शिकार हुई और दम तोड़ दिया। उसकी मां रो-रोकर सिर्फ एक ही बात कह रही है कि इजरायलियों ने उसे मार डाला। वहीं, इजरायल ने स्टेटमेंट जारी कर कहा है कि आंसू गैस मौत की वजह नहीं हो सकती। बता दें, इजरायल के येरूशलम में सोमवार को अमेरिका ने नया दूतावास खोला है। इसके विरोध में फलस्तीनियों ने बॉर्डर पर प्रदर्शन किया, जिस पर इजरायल की कार्रवाई में 58 फलस्तीनियों की मौत हो गई।
- 17 साल की मरियम ने बताया कि वो अपनी बेटी लैला को छोटे भाई के साथ घर छोड़कर डेन्टिस्ट के पास गई थी, लेकिन उसका भाई उसे लेकर बॉर्डर पर पहुंच गया।
- मरियम ने बताया - लैला के भाई को ये गलतफहमी हो गई थी कि मैं (मरियम) और मेरी मां हेयम दोनों बॉर्डर की तरफ गए हैं, इसीलिए वो भी बॉर्डर पर पहुंच गया। इत्तेफाक से मेरी मां उसे बॉर्डर के पास ही रास्ते में मिल गईं और उसने लैला को उनके हवाले कर दिया। लेकिन बॉर्डर पर भयानक प्रदर्शन चल रहा था और इजरायली सेना आंसू गैस के गोले छोड़ रही थी। चंद मिनट में मेरी मां और बेटी भी आंसू गैस की चपेट में आ गए।
सांस लेना भी था मुश्किल
- हेयम ने बताया कि गैस का ऐसा गुब्बार था कि उनके लिए सांस लेना भी मुश्किल था। लैला जोर से रो रही थी और किसी तरह उन लोगों ने वहां से निकलने की कोशिश की।
- उन्होंने बताया कि वहां से निकलते हुए लैला रोते-रोते अचानक शांत हो गई। उन्हें लगा कि वो सो गई। लेकिन थोड़ी ही देर में उसकी स्किन नीली पड़ने लगी।
- हेयम ने बताया कि इसके बाद उसे हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां एक घंटे के बाद ही उसे मृत घोषित कर दिया गया।
- गाजा में प्रदर्शन के खिलाफ इजरायली कार्रवाई में 8 महीने की लैला जान गंवाने वाली सबसे कम उम्र की फलस्तीनी है। उसके अलावा इस प्रदर्शन में 16 साल से कम उम्र के सात बच्चों ने जान गंवाई है।
आगे की स्लाइड्स में देखें लैला को खोने के बाद गम में डूबे मरियम और उसके परिवार की फोटोज...
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