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बीमा अस्पताल की बिल्डिंग के मेंटेनेंस पर दो करोड़ खर्च, लेकिन जर्जर 108 क्वार्टर को देखने वाला भी कोई नहीं

3 वर्ष पहले
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भोपाल.   इस जर्जर इमारत में रहते हैं राज्य कर्मचारी बीमा अस्पताल के कर्मचारियों के 108 परिवार। हालत देखकर ही लगता है कि किसी भी दिन यहां कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है। दूसरी तरफ बीमा अस्पताल भवन में दो करोड़ रुपए से रंग-रोगन और प्लास्टर किया जा रहा है, जबकि इसकी फिलहाल कोई जरुरत नहीं है। इन इमारतों में परिवार के साथ रह रहे कर्मचारियों का कहना है कि हम एक साल में 23 शिकायतें कर चुके हैं। 7 बार तो दिल्ली मुख्यालय में भी शिकायत की जा चुकी है। इतना ही नहीं, प्रदेश के श्रम मंत्री को भी 14 ज्ञापन दे चुके हैं, लेकिन नहीं सुधरे हालात। राज्य कर्मचारी बीमा संगठन के अफसर एक-दूसरे की जिम्मेदारी बताकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं।

 

तीन दिन पहले ही गिरा था छज्जा; 108 परिवार रहते हैं इन स्टाफ क्वाटर्स में

 

सोनागिरी स्थिति राज्य कर्मचारी बीमा अस्पताल परिसर में स्टाफ के 108 फ्लैट हैं, जो चार मंजिल के तीन, दो मंजिल के दो और तीन मंजिल के एक कॉम्प्लेक्स में हैं, जिनमें 108 परिवार रहते हैं। 1984-85 में बने इन क्वाटर्स का कभी भी मेंटेनेंस न होने के कारण इनकी हालत जर्जर होने लगी है। रहवासी गोकुल प्रसाद कुशवाह के मुताबिक 16 अप्रैल को बिल्डिंग का छज्जा गिरा गया था। वे कहते हैं कि 2006, 2008 और 2016 में भी तेज बारिश के दौरान तीन बार छज्जे गिरने की घटनाएं हो चुकी हैं।

 

जरूरत नहीं, फिर भी की जा रही है मरम्मत

 

 

बीमा अस्पताल के स्टाफ क्वाटर्स की मरम्मत के लिए अलग से राशि कभी भी आवंटित नहीं हुई है। जब स्टाफ ने आवाज उठाई तो 5 साल पहले 5 करोड़ रुपए का प्रस्ताव बना, जिसमें स्टाफ क्वाटर्स के साथ अस्पताल के भवन की मरम्मत की आवश्यकता भी जोड़ दी गई, जबकि अस्पताल में डॉक्टरों और स्टाफ की संख्या बढ़ाने के साथ मशीनों की जरूरत थी। अस्पताल के अच्छे खासे भवन में रंग-रोगन के साथ नया प्लास्टर करने लिए 2 करोड़ रुपए मंजूर कर स्टाफ क्वाटर के प्रस्ताव काे हटा दिया गया, जबकि इन 108 क्वार्टर में एक भी खाली नहीं है। अब 2 करोड़ रुपए में भी सिर्फ अस्पताल के रंग-रोगन और अच्छे-खासे प्लास्टर को हटाकर नया करने का काम हो रहा है।

डॉ. एसके मालवीय, पूर्व अधीक्षक, (वर्तमान में नागदा राज्य बीमा अस्पताल के अधीक्षक हैं)

 

इनके तर्क जल्दी ही कोई निर्णय लिया जाएगा

इंदौर राज्य कर्मचारी बीमा संगठन के डायरेक्टर डॉक्टर बीएल बंगेरिया ने बताया कि अस्पताल के साथ स्टाफ क्वाटर्स का काम होना था, लेकिन क्वाटर्स का काम करवाने के लिए लोकल स्तर पर ज्वाइंट डायरेक्टर को जिम्मेदारी दी गई है। जल्दी ही कोई निर्णय लिया जाएगा।

 

राज्य कर्मचारी बीमा संगठन के ज्वाइंट डायरेक्टर डॉक्टर जेपी शर्मा ने बताया कि मेंटेनेंस का काम अभी तक हमारे पास नहीं था। अभी हाल ही में मिला है। सर्वे करवाकर मेंटेनेंस करवाएंगे।

 

 

 

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