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कविता रैना नृशंस हत्याकांड : जिला कोर्ट के फैसले को देंगे हाईकोर्ट में चुनौती

3 वर्ष पहले
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इंदौर.   कविता रैना हत्याकांड में आरोपी को दोषमुक्त किए जाने के जिला कोर्ट के फैसले को सरकार की ओर से मप्र हाई कोर्ट में चुनौती दी जाएगी। उधर बचाव पक्ष के वकील का कहना है असली अपराधी को सामने लाने के लिए केस की फाइल दोबारा खोल कर निष्पक्ष एजेंसी या सीबीआई से जांच कराई जाए। 


हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में देंगे चुनौती

जिला अदालत ने शुक्रवार को सुनाए फैसले में कविता रैना की हत्या के आरोपी महेश बैरागी को बरी कर दिया है। शासन की ओर से पैरवी करने वाले अतिरिक्त लोक अभियोजक निर्मल कुमार मंडलोई का कहना है जिला कोर्ट के फैसले को हाई कोर्ट की इंदौर बेंच में चुनौती देंगे। फैसला रद्द करने के लिए हाई कोर्ट में याचिका अगले सप्ताह दायर की जाएगी। याचिका दायर करने से पहले विधि विभाग से अनुमति लेने के लिए कलेक्टर को अभियोजन कार्यालय द्वारा अपील पत्र सोमवार या मंगलवार को भेजा जाएगा। उधर, कविता के पति संजय रैना भी फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती देने के लिए विधिक राय लेकर तैयारी कर रहे हैं।  

अपराधी को नहीं, निर्दोष को बचाया : बचाव पक्ष 

 

बचाव पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले सीनियर एडवोकेट चंपालाल यादव ने कहा उन्होंने अपराधी को नहीं, निर्दोष को बचाया है। अपराध करने वाले असली चेहरे को पुलिस ने बचा लिया है। इसमें तत्कालीन पुलिस अफसरों का हाथ था। असली अपराधी सामने आना ही चाहिए और इसके लिए निष्पक्ष जांच की जरूरत है। यह जांच पुलिस के बजाय निष्पक्ष एजेंसी या सीबीआई से कराई जाना चाहिए। यह लड़ाई मुकदमे की नहीं अधिकार की है जो अब शुरू हुई है। असली चेहरा सामने लाकर पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए और यह उसका अधिकार है। पहले दिन से ही लग रहा था कि अपराधी निर्दोष है। यादव ने कहा वे सरकार से भी मांग करेंगे कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए नए सिरे से जांच कर असली अपराधी का पता लगाया जाए। 

 

फैसला देखकर पुलिस बनाएगी नया प्लान 
डीआईजी हरिनारायणाचारी मिश्र ने बताया फैसले की कॉपी अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। इसका अध्ययन करने के बाद तय होगा कि आरोपी के बरी होने का कारण जांच की कमजोरी थी या आरोपी को झूठा फंसाया गया। इस मामले में आगे क्या करना है इसके लिए विधिक विभाग के पास भी फैसले की प्रति भेजी जाएगी। इसके बाद तय होगा कि मामले में अपील की जाए या नए सिरे से जांच करवाई जाए। 

 

परिजन बोले- एसआईटी से जांच कराई जाए
कोर्ट के फैसले से कविता के परिजन आहत हैं। परिजन की मांग है कि हत्यारे को सामने लाने के लिए सीबीआई या एसआईटी से जांच कराई जाना चाहिए।

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