गांव शाहपुर के किसान का ओलें के कारण लाखों का नुकसान
रवायती कृषि की बजाए आधुनिक खेती करने वाले गांव शाहपुर के किसान का ओलाे के कारण भारी नुकसान हुआ है। लाखों के नुकसान कारण परेशान किसान ने सरकार और प्रशासन को पत्र लिखकर हुए नुकसान की प्रतिपूर्ति और विशेष गिरदावरी करवा
कर मुआवजा दिए जाने की मांग की है। रवायती फसलों की बजाए अलग फसल उगाकर कृषि के क्षेत्र में नाम कमाने वाले गांव शाहपुर के किसान मौता सिंह और सुखविंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने सरकार और कृषि विभाग द्वारा समय-समय पर की जाती अपील को मुख्य रखकर ही रवायती फसल गेंहूं और धान के चक्कर में से निकल कर अन्य फसलों और सब्जियों को अपनाया हुआ है। प्याज की फसल के हुए भारी नुकसान को दिखाते हुए बताया कि ओलाे के कारण कारण 2.5 एकड़ जमीन में सफेद प्याज, 2.5 एकड़ में स्वीट कोर्न मक्की, एक एकड़ शिमला मिर्च, 2.5 एकड़ में गाजरों की फसल, 4 एकड़ गेंहूं की फसल और लगभग 15 एकड़ सरसों की फसल बुरी तरह से तहस-नहस हो गई। उन्होंने कहा कि कुछ समय के लिए हुई तेज ओलावृष्टि कारण उनकी लगभग 25 एकड़ खड़ी फसल तबाह हो गई। किसान ने कहा कि उन्होंने बदलवी फसलें बीच कर सरकार की अपील को माना था और अब संकट के समय सरकार को उनका सहारा बनना चाहिए ताकि जो वे आर्थिक संकट में से निकल सके।
जिला प्रशासन, सरकार और कृषि विभाग के अधिकारियों को लिखे पत्र में सुखविंद्र सिंह और मौता सिंह ने कहा कि इस फसल से उनको लाखों रुपये प्रति एकड़ के हिसाब के साथ आमदन होनी थी। लेकिन अब फसल काफी हद तक तबाह हो गई है। जिस कारण उनका फसल बीजने और उसकी देखभाल करने पर हुआ खर्च भी वापिस आने की संभावना नही रही।
किसान मौता सिंह ने सरकार से मांग की कि कुदरत की करोपी कारण हुए उसके नुकसान की प्रतिपूर्ति के लिए बनती कार्रवाई की जाए और विशेष गिरदावरी करवा कर उनको बनता मुआवजा दिया जाए।
ओलें के कारण सफेद प्याज की खराब हुई फसल को दिखाते हुए मौता सिंह।