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टोल प्लाजा पर बैरियर केबिन से 20 मीटर पहले लगाए जा रहे फास्टैग रीडिंग सेंसर
राज्य के टोल प्लाजा पर लगी इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन तकनीक में बदलाव किया जा रहा है। अब वाहन चालक 50 सेकंड में फास्टैग से ऑनलाइन टोल टैक्स का भुगतान कर सकेंगे। इसके अलावा ट्रकों और कारों के लिए लेन बनाने की भी प्रक्रिया शुरू की जा रही है। फास्टैग से टोल भुगतान में आ रही दिक्कतों को देखते हुए टोल प्लाजा पर बैरियर केबिन से कुछ पहले फास्टैग रीडिंग सेंसर भी लगाने की योजना है।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण झारखंड से मिली जानकारी के अनुसार 1.60 लाख फास्टैग की बिक्री हो चुकी है। प्राधिकरण के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हर दिन 20 से 22 हजार फास्टैग बेचे जा रहे हैं। राज्य के सभी 9 टोल प्लाजा में ईटीसी तकनीक लगा दी गई है। इससे फरवरी में हर दिन 62 फीसदी ऑनलाइन टैक्स भुगतान हुआ है जबकि वर्ष जुलाई में यह 29 फीसदी प्रतिदिन था। फास्टैग लगने से टैक्स कलेक्शन में काफी बढ़ोतरी हुई। टोल प्लाजा से गुजरनेवाले वाहनों की संख्या बढ़ी है। इसके अलावा टोल प्लाजा की प्रणाली में पारदर्शिता अाई है। चोरी के बाद बाहर ले जाए जा रहे वाहन पकड़े जा रहे हैं। हेल्पलाइन पर माह में 15 हजार शिकायतें फास्टैग को लेकर आ रही दिक्कत से निपटने के लिए हेल्पलाइन नंबर 1033 को भी अपग्रेड कर दिया गया है। 1033 हेल्पलाइन नंबर पर माह में 15,000 से अधिक शिकायतें आ रही हैं। इनमें से 55 फीसदी शिकायतें टोल प्लाजा पर लगे सेंसरों द्वारा वाहन के फास्टैग को रीड नहीं करने से जुड़ी हैं।