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डाउनलोड करेंआगरा. जिले के बटेश्वर में पिता की मौत के बाद इकलौती बेटी ने सभी रूढ़ियों को तोड़ते हुए अपने पिता के अंतिम संस्कार किया। बेटी ने जब पिता की चिता को आग लगाई तो हर किसी की आंखे नम हो गईं। आगरा के तहसील के निकट कायस्थ कन्या हाई स्कूल में अध्यापिका रूपम के पिता (रामअवतार मिश्रा) बाह तहसील के बटेश्वर में निवास रहते थे। रूपम उनकी इकलोती संतान थीं।
- 13 साल पहले रूपम की शादी आगरा के रहने वाले एक शिक्षक अमित तिवारी से हुई। कुछ ही समय बाद बीमारी के कारण अमित की मौत हो गई। बतौर रूपम वो उस समय टूट गई मगर उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। पति की जगह शिक्षिका की नौकरी के सहारे रूपम ने पूरे परिवार को संभाला। आगरा के तहसील रोड स्थित चित्रगुप्त हायर सेकेंडरी में पढ़ाने वाली रूपम तिवारी ने 12 साल के बेटे आदर्श व 10 साल के पुत्र आदित्य की जिम्मेदारी संभाली। पति की मौत के बाद उनका पूरा जीवन संघर्ष करते हुए बीत रहा था और इसी के साथ में बूढ़े माता-पिता की सेवा भी रूपम ने अपनी दिनचर्या में शामिल कर लिया था।
- पिछले 6 महीने से रूपम के पिता राम अवतार बीमार चल रहे थे। सोमवार को उनकी म्रत्यु हो गई। कोई भाई नहीं होने के कारण उनका अंतिम संस्कार कैसे हो यह चर्चा होने लगी। रिश्तेदार और नातेदारों में से कई लोग आगे आये पर रूपम ने सबको मना कर दिया और खुद बेटे का फर्ज निभाते हुए पिता को मुखाग्नि दी।
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