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महिंद्रा एंड महिंद्रा के खिलाफ फिएट ने अमेरिका में किया केस, रॉक्सर गाड़ी के डिजाइन पर आपत्ति

फिएट ने अमेरिका में रॉक्सर की बिक्री रोकने की मांग रखी

Dainik Bhaskar

Aug 04, 2018, 12:02 PM IST
फिएट का आरोप है कि महिंद्रा की फिएट का आरोप है कि महिंद्रा की

- फिएट दुनिया की 8वीं बड़ी ऑटो कंपनी, महिंद्रा सबसे बड़ी ट्रैक्टर कंपनी
- फिएट का रेवेन्यू 9.2 लाख करोड़ रुपए, महिंद्रा का 49,445 करोड़ रुपए

न्यूयॉर्क. फिएट क्रिसलर ने अमेरिका में महिंद्रा एंड महिंद्रा के खिलाफ मुकदमा किया है। आरोप है कि महिंद्रा की रॉक्सर ऑफरोडर का डिजाइन फिएट के आइकॉनिक 'विलिस जीप' से मिलता-जुलता है। फिएट ने 1 अगस्त को अमेरिका के इंटरनेशनल ट्रेड कमीशन में केस दर्ज कराया। इसमें भारत से अमेरिका में रॉक्सर गाड़ियों की किट के आयात और बिक्री पर रोक लगाने की मांग की गई। दूसरे विश्व युद्ध के समय आई विलिस जीप अब नहीं बनती है। अमेरिकी मार्केट में रॉक्सर का मुकाबला फिएट की रैंगलर से है।
महिंद्रा का अमेरिकी यूटिलिटी व्हीकल बिजनेस नया है। इसने रॉक्सर को इसी साल मार्च में अमेरिका में लॉन्च किया था। वहां इसकी पूरी मैन्युफैक्चरिंग नहीं होती। इसके किट भारत में बनाकर निर्यात किए जाते हैं। डेट्रॉयट के पास प्लांट में इनकी असेंबलिंग होती है। महिंद्रा भारत में रॉक्सर नहीं बेचती। यहां थार की बिक्री करती है। रॉक्सर मॉडल भी थार पर आधारित है। कंपनी ने रॉक्सर प्लांट में 4,000 करोड़ रुपए निवेश करने की घोषणा की है।

फिएट की आपत्ति की 3 वजह : पहली- फिएट क्रिसलर का आरोप है कि रॉक्सर की बॉडी का आकार और वर्टिकल किनारे विलिस जीप से मिलते हैं। पीछे का हिस्सा भी एक जैसा है।दूसरी- अमेरिका में रॉक्सर की कीमत 15,500 डॉलर (10 लाख रुपए) से शुरू होती है। जीप की रैंगलर की शुरुआती कीमत 27,500 डॉलर (18 लाख रुपए) है। यानी रैंगलर की तुलना में रॉक्सर करीब 44% सस्ती है। तीसरी- फिएट क्रिसलर ने कहा है कि महिंद्रा रॉक्सर किट की मैन्युफैक्चरिंग भारत में और असेंबलिंग अमेरिका में करती है। इससे महिंद्रा के लिए गाड़ी बनाना सस्ता पड़ता है।

जीप ब्रांड पर निर्भर है फिएट क्रिसलर : अमेरिका में फिएट काफी हद तक जीप पर निर्भर है। जुलाई में इसकी कुल बिक्री 5.9% बढ़ी, लेकिन जीप ब्रांड की गाड़ियों की बिक्री में 16% वृद्धि हुई। 2017 में इसके लिए जीप बेस्ट-सेलिंग ब्रांड थी।
1947 में महिंद्रा भी बनाती थी विलिस जीप : दूसरे विश्व युद्ध में विलिस अमेरिकी सेना के लिए जीप का उत्पादन करती थी। 1947 में महिंद्रा ने भी भारत में इसका प्रोडक्शन शुरू किया था। 1953 में काइजर मोटर्स ने विलिस कंपनी को और 1970 में अमेरिकन मोटर्स कॉर्पोरेशन ने काइजर को खरीद लिया। क्रिसलर ने 1987 में अमेरिकन मोटर्स कॉर्पोरेशन से जीप ब्रांड खरीदा। खराब आर्थिक हालत के कारण क्रिसलर ने 2009 में अमेरिका में दिवालिया के लिए आवेदन किया। फिएट ने जनवरी 2014 में इसका अधिग्रहण कर लिया।

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