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कानपुर IIT दलित उत्पीड़न मामला: NCSC ने कहा- चारों प्रोफेसर के खिलाफ दर्ज की जाए FIR

3 वर्ष पहले
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कानपुर. कानपुर आईआईटी में एयरो स्पेस विभाग के असिस्टेंस प्रोफेसर द्वारा चार वरिष्ट प्रोफेसरों पर दलित उत्पीडन का आरोप लगाने के बाद शनल कमीशन फॉर सेड्यूल कास्ट (एनसीएससी) ने कहा है कि चारों प्रोफेसर को संस्पेंड कर उनके खिलाफ केस दर्ज होना चाहिए। बता दें कि। इस मामले में एनसीएससी ने संज्ञान में लिया था। आयोग ने 01 मई तक मामले में जवाब मांगा है।

 

- इस पूरे मामले में एनसीएससी के सामने आईआईटी कानपुर निदेशक व एरोस्पेस विभाग के एचओडी 10 अप्रैल को पेश हुए थे। जिस पर आयोग ने अभी तक की हुई कार्यवाई से नाराजगी व्यक्त की थी। आयोग ने कहा था कि अब आयोग आदेश देगा जिसे आईआईटी को मानना पड़ेगा। शनिवार को आयोग ने चारों प्रोफेसर को सस्पेंड कर FIR दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। 


तीन सदस्यी टीम का किया गया था गठन
- कानपुर आईआईटी में दलित प्रोफेसर के साथ उत्पीड़न का मामला 9 मार्च को सामने आया था। इसके बाद आईआईटी के निदेशक ने एकेटीयू के कुलपति विनय कुमार पाठक की अगुवाई में तीन सदस्यी टीम का गठन किया था। जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट आईआईटी निदेशक मनिन्द्र अग्रवाल को सौंप दी थी और बीते 19 मार्च को बीओजी की बैठक में इस रिपोर्ट को रखा गया था। 
- बैठक में सभी बिन्दुओं पर विस्तार से चर्चा की गई थी। बीओजी के चेयरपर्सन आरसी भार्गव ने दोनों पक्षों में सुलह कराने की बात कही थी, लेकिन एक हफ्ते बाद भी दोनों पक्षों में कोई बात नहीं बनी थी।

 

क्या है मामला
- एयरोस्पेस विभाग के असिस्टेंस प्रोफेसर डॉ सुब्रमण्यम सडरेला ने जनवरी 2018 में IIT कानपुर ज्वाइन किया था। इसी दौरान जनवरी लास्ट में विभाग के चार वरिष्ट प्रोफेसरों ने डॉ सुब्रमण्यम पर जातिसूचक टिपण्णी की थी। इसके साथ ही उनका मजाक उड़ाया जाने लगा था। काफी दिनों बाद डॉ सुब्रमण्यम ने इसकी शिकायत आईआईके निदेशक से की थी।

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