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ब्वॉयज हॉस्टल में लगी शॉर्ट सर्किट से आग, ग्रिल तोड़ 60 छात्रों को बचाया

3 वर्ष पहले
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रांची.    शाॅर्ट सर्किट से बुधवार की सुबह 6.40 बजे कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित एसएन गांगुली रोड के दक्ष हाॅस्टल में आग लग गई। उस वक्त हॉस्टल में 60 स्टूडेंट्स मौजूद थे। हॉस्टल का मेन गेट पूरी तरह आग की चपेट में आने से हॉस्टल के पहले तल्ले पर रहनेवाले स्टूडेंट्स घिर गए थे। हालांकि स्थानीय लोगों द्वारा सूचना दिए जाने के बाद आधे घंटे में पहुंचे फायर ब्रिगेड कर्मियों ने हॉस्टल की खिड़की का ग्रिल तोड़ छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस दौरान आग धीरे-धीरे आरपी सेल्स में रखे प्लाईवुड तक पहुंच गई, जिस कारण आरपी सेल्स में रखे करीब 10 लाख रुपए मूल्य की सामग्री और प्लाईवुड जल गए। फायर ब्रिगेड को आग पर काबू पाने में करीब ढाई घंटे लग गए। इस संबंध में आरपी सेल्स के प्रोपराइटर हरिकृष्ण लाल ने कोतवाली थाने में शाॅर्ट सर्किट से आग लगने का सनहा दर्ज कराया है। 


नजदीकी बिल्डिंग भी आ जाती चपेट में 
आरपी सेल्स में इतना प्लाईवुड रखा था कि अगर समय पर दमकल की गाड़ियां नहीं आती तो पूरी तीन मंजिला बिल्डिंग आग की चपेट में आ सकती थी। इतना ही नहीं एसएन गांगुली रोड में जहां आग लगी थी, वहां अधिकांश घर एक-दूसरे से सटे हैं। ऐसे में आसपास के मकान भी आग की चपेट में आ सकते थे। प्लाईवुड निकालने में प्रोपराइटर हरिकृष्ण लाल के परिवार और आसपास के लोगों समेत हॉस्टल के छात्रों ने पूरी मदद की। 

 

हॉस्टल के छात्र रोहित की आंखों देखी : अचानक धुआं उठते देख छात्रों को शोर मचा कर जगाया 
दक्ष हॉस्टल में जहां आग लगी थी, वहां से ठीक ऊपर फर्स्ट फ्लोर में छात्र रोहित रहता है। उसने बताया- सुबह 6.50 बजे मैं ब्रश कर रहा था। इस दौरान जब खिड़की की ओर बढ़ा तो धुआं उठते देखा। पहले तो समझ में ही नहीं आया कि इतना धुआं कहां से आ रहा है। तभी नीचे से एक युवक चिल्लाया कि हॉस्टल में आग लगी है, भागो। यह सुन मैं घबरा गया। मैं पहले तल्ले से नीचे भागने लगा, लेकिन देखा कि सीढ़ी में भी आग लगी है। फिर मैं ऊपर भागा और हॉस्टल के कमरे में सो रहे अपने सहपाठियों को शोर मचाकर जगाया। तब तक धुआं का गुब्बार बढ़ता ही जा रहा था। जो छात्र तुरंत जगे थे, उन्हें समझ में ही नहीं आ रहा था कि क्या करें। तब तक हॉस्टल के बाहर आसपास भारी संख्या में लोग जुट गए थे। हमारे समक्ष विकट स्थिति थी कि जाएं तो जाएं कहां। नीचे भाग नहीं सकते थे, क्योंकि सीढ़ी पर भी लाग लगी थी। जब आग से बचने का उपाय नहीं दिखा तो छात्र छत की ओर भागने लगे। तभी नीचे खड़े लोगों में से किसी ने फायर ब्रिगेड को कॉल कर दिया। करीब आधे घंटे बाद ही दमकल की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। 

 

सभी फोटो- माणिक बोस 

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