पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

सगे भाई-बहन की शादी से एक दिन पहले लगी घर में आग तो घर हुआ राख में तब्दील, बुझे मन से हुए फेरे

3 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

बूंदी (कोटा). क्षेत्र के आजंदा गांव में आखातीज के मौके पर में दो भाई-बहनों की शादी  को लेकर पूरा परिवार खुशियां मना रहा था। सभी जरूरी तैयारी पूरी करने के साथ परिजन और रिश्तेदार दूल्हे की निकासी निकाल रहे थे। इस बीच मंगलवार देररात एक बजे कच्चे घर में अचानक आग लग गई, जिससे सब कुछ राख हो गया। पूरी रात बिजली गुल रही और अंधेरे में आगजनी के पीछे की वजह का किसी को कुछ पता नहीं चला। जैसे ही धुआं व आग की लपटें दिखी तो शोर मच गया। हर कोई आग बुझाने के लिए हाथों में पानी की बाल्टियां लेकर दौड़ता नजर आया। दमकल व पुलिस भी मौके पर रात को ही पहुंच गई, लेकिन तब तक सबकुछ राख में तब्दील हो चुका था। ये था पूरा मामला...

 

- दोनों भाई-बहन की शादी अमरपुरा में बुधवार रात को आयोजित गुर्जर समाज सामूहिक विवाह सम्मेलन में हुई जरूर, लेकिन खुशियां गायब थी।

- फेरे भी हुए, बेटे के लिए बहू भी आ गई, बेटी विदा भी कर दी गई, लेकिन सब कुछ बुझे मन से किया गया।
- आजंदा निवासी जवाहरलाल गुर्जर के घर बेटे और बेटी की शादी थी। रात करीब 12 बजे दूल्हे रामसिंह की निकासी शुरू हुई थी।

- सभी रिश्तेदार, मोहल्लेवासी व परिजन निकासी  में लगे थे। देर रात एक बजे मकान में से धुआं व आग की लपटें उठती दिखाई दी तो ग्रामीण व निकासी में शामिल लोगों ने तुरंत भागकर जलते हुए घर को बुझाने का प्रयास किया। साथ ही, फायर ब्रिगेड व पुलिस को भी सूचना दी, लेकिन उनके पहुंचने तक नकदी, सोने-चांदी के जेवर, शादी के कपड़े, बिस्तर व खाने-पीने के सभी सामान आग की भेंट चढ़ चुके थे।

- घटना के बाद  पीड़ित परिवार के लोगों की आंखों से रुलाई फूट पड़ी। पड़ोसियों-रिश्तेदारों ने उन्हें ढांढस बंधाया। 

 

भेड़-बकरियों को बेचकर जुटाया था शादी का खर्चा

 

- जवाहरलाल गुर्जर ने अपनी भेड़-बकरियों को बेचकर शादी के खर्च की व्यवस्था की गई थी, लेकिन सबकुछ बर्बाद हो गया। 

- जिसमें थका-हारा हुआ जवाहर जब राख में ढूंढने लगा तो उसे कुछ नहीं मिला। घटना के बाद रात को ही देईखेड़ा पुलिस ने आकर कार्रवाई की।

- बुधवार को सुबह हल्का पटवारी राजमल ने भी मौका रिपोर्ट तैयार कर प्रशासनिक अधिकारियों को भेजी।

 

आग से यह सामान जले

 

- दमकल कर्मियों व ग्रामीणों के सहयोग से आग पर काबू पाने के बाद रात को ही घर से जले बचे सामानों को बाहर निकाला गया तो आंखें फटी की फटी रह गई।

- एक बक्से में रखे 50 हजार की नकदी, साढ़े 3 तोला-सोने व डेढ़ किलो वजन के चांदी के जेवर जल चुके थे।

- खाने में बने पकवान, राशन सामग्री, शादी के लिए खरीदे गए नए कपड़े, पहनने के कपड़े व मेहमानों के कपड़े, बैग आदि जलने से तकरीबन 3 लाख 50 हजार रुपए का सामान आग के हवाले हो गया।