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डाउनलोड करेंलोहरदगा/रांची. चिरी चौक कटाक पुल के पास रविवार सुबह कार और कंटेनर की आमने-सामने हुई भिड़ंत में पांच लोगों की मौत हो गई। सभी रांची के थे। चार मृतक एक ही परिवार के थे, जबकि पांचवां ड्राइवर था। हादसे के बाद कंटेनर का ड्राइवर और खलासी फरार हो गए।
- होटवार जेल में कक्षपाल सुरेंद्र विश्वकर्मा अपनी बेटी का रिश्ता लेकर लोहरदगा के शंभू शर्मा के यहां जा रहे थे। उनके साथ दो बेटे श्रवण व अमित और बहनाेई मधुकम स्थित चूना भट्ठा निवासी एल्युमीनियम व्यवसायी इंद्रदेव शर्मा भी थे। कार पहाड़ी टोला निवासी अब्दुल शाह चला रहा था। कटांक पुल के पास सामने से चावल लदे कंटेनर से कार की जोरदार टक्कर हो गई।
- हादसे में इंद्रदेव शर्मा (58) की मौके पर ही मौत हो गई। चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सुरेंद्र विश्वकर्मा (57) व श्रवण विश्वकर्मा (32) की सदर अस्पताल में मौत हो गई, जबकि अमित विश्वकर्मा (24) और अब्दुल ने रिम्स में दम तोड़ दिया।
दामाद ने पिछले साल फांसी लगा कर ली थी खुदकुशी
- सुरेंद्र विश्वकर्मा जिस बेटी का रिश्ता लेकर जा रहे थे, उसके पति ने पिछले साल फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। सुरेंद्र का एक बेटा अमित बेंगलुरू में इंजीनियर था, जबकि श्रवण बूटी मोड़ में गेट-ग्रिल की दुकान चलाता था। मंझला बेटा पवन विश्वकर्मा होटवार जेल में ही अस्थाई कक्षपाल है। वहीं, प्लास्टिक और एल्युमीनियम व्यवसायी इंद्रदेव शर्मा का मधुकम में ही प्रतिष्ठान है। वे अपने पीछे पत्नी, दो पुत्र और पांच बेटियों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। दोनों बेटे पिता के साथ उनके व्यवसाय में हाथ बंटाते हैं।
रिश्तेदार के साथ अच्छे दोस्त भी थे सुरेंद्र और इंद्रदेव
- सुरेंद्र विश्वकर्मा और इंद्रदेव शर्मा काफी पुराने दोस्त थे। सुरेंद्र ने अपनी चचेरी बहन की शादी इंद्रदेव से करा दी। इससे दोनों के संबंध और गहरा गए। कोई भी बड़ा फैसला लेने से पहले दोनों आपस में मशविरा जरूर करते थे।
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