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डाउनलोड करेंभोपाल. राजधानी एम्स के एमबीबीएस कोर्स के इंटर्नशिप कर रहे दो छात्र सतगुरु प्रसाद और चंदनकुमार आर्यन एम्स में स्थायी डायरेक्टर की नियुक्ति की मांग को लेकर भोपाल से दिल्ली तक पद यात्रा कर रहे हैं। दोनों के साथ समय समय पर अन्य छात्र भी पद यात्रा में शामिल हो जाते हैं। ताकि दोनों का हौसल बना रहे। दोपहर में चिलचिलाती धूप। हाथ में डंडा और सिर पर सफेद रंग का कपड़ा बांधे यह दोनों युवा भोपाल एम्स में बदलाव लाने के लिए पद यात्रा कर रहे हैं।
- 3 मई को भोपाल एम्स से यात्रा की शुरूआत हुई थी, जो शुक्रवार को 16वे दिन मुरैना पहुंच गए हैं। अभी तक 450 किमी का सफर यह दोनों युवा छात्र तय कर चुके हैं। दिल्ली तक पहुंचने के लिए 5 मई की डेडलाइन तय की गई है।
एम्स के इतिहास में ये पहला मौका
- भोपाल एम्स के इतिहास में यह पहला मौका है जबकि छात्रों ने स्थाई डायरेक्टर की मांग के लिए पद यात्रा शुरू की है। पद यात्रा कर रहे छात्र सतगुरु प्रसाद और चंदनकुमार आर्यन बिहार से हैं। दरअसल, भोपाल एम्स में 2015 के बाद से स्थाई डायरेक्टर नहीं है। इसके चलते यहां पर होने वाले काम के लिए जाने वाले फैसले देरी से लिए जाते हैं। साथ ही छात्रों की मांगों पर गाैर नहीं किया जाता है।
ये हैं छात्रों की समस्याएं
- यदि छात्रों को अपनी मांगों के लिए या फिर व्यवस्था बदलवाने के लिए डायरेक्टर से मिलना होता है। ज्यादातर समय डायरेक्टर या तो रायपुर एम्स में होते हैं या फिर दिल्ली केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की बैठकों में शामिल होने के लिए गए होते हैं। पद यात्रा कर रहे एमबीबीएस के छात्र सतगुरु प्रसाद का कहना है कि एम्स 2012 से लेकर अब तक 500 छात्र-छात्राएं हैं। सभी चाहते हैं कि यहां पर स्थाई डायरेक्टर की नियुक्ति हो। इसके लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के बीच में दौरा करने आए अफसरों से बात की गई। लेकिन सभी ने सिर्फ आश्वासन दिया कि फाइल मूव हुई है।
तीन साल से नहीं है स्थायी डायरेक्टर
- जल्दी इंटरव्यू के बाद स्थाई डायरेक्टर की नियुक्ति कर दी जाएगी। लेकिन तीन साल बीतने के बाद भी अभी तक कुछ नहीं हुआ है। कोर्स खत्म होने का समय निकलता जा रहा है। इसलिए सोचा कि पद यात्रा शुरू कर दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मिलेंगे।
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