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डाउनलोड करेंनई दिल्ली. एससी/एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर अब पूर्व चीफ जस्टिस केजी बालाकृष्णन ने सवाल उठाए हैं। जस्टिस बालाकृष्णन ने कहा है कि एससी/एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला मूलरूप से गलत था। उन्होंने कहा कि न्यायिक आदेश ऐसा नहीं होना चाहिए, जिससे लोगों के बीच हिंसा हो। 14 जनवरी 2007 से 12 मई 2010 तक देश के चीफ जस्टिस रहे बालाकृष्णन ने एक कार्यक्रम में कहा, 'संभवत: पहली बार सुप्रीम कोर्ट के किसी फैसले को लेकर लोगों में हिंसा भड़की है। सामान्यत: जब हिंसा होती है, तब सुप्रीम कोर्ट दखल देता है। लोग आदेश को मंजूर करते हैं। सुप्रीम कोर्ट को इस तरह से फैसले देने चाहिए, जो अधिकांश लोगों को स्वीकार्य हो। यह समाज में हिंसा उकसाने वाला नहीं होना चाहिए।'
ग्रेस ने आंबेडकर का अपमान किया
- मोदी ने कहा कि कांग्रेस के समय में बाबा साहेब का जितना अपमान हुआ है, उतना किसी का भी नहीं हुआ। कांग्रेस ने उन्हें किसी भी कमेटी में जगह नहीं दी। नेहरूजी से राजीव गांधी की सरकार तक तमाम कांग्रेसियों को भारत रत्न दिया गया, लेकिन आंबेडकर को नहीं दिया गया। मोदी ने कहा कि भाजपा के समर्थन से जब वीपी सिंह की सरकार बनी, तब बाबा साहेब को भारत रत्न दिया गया।'
...और इधर,पीएम का दावा-एससी/एसटी एक्ट को कमजोर नहीं होने दूंगा
- प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी ने कहा है कि सरकार दलितों को अत्याचार और उत्पीड़न से बचाने वाले एससी/एसटी एक्ट को कमजोर नहीं होने देगी। मोदी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तुरंत बाद ही हमारी सरकार ने पुनर्विचार याचिका दायर की थी। यहां डॉ बीआर आंबेडकर नेशनल मेमोरियल के उद्घाटन के बाद मोदी ने कहा, 'इस सरकार ने कानून के माध्यम से सामाजिक संतुलन स्थापित किया है।
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