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डाउनलोड करेंभोपाल. इनायतपुर में बने एडवांस मेडिकल साइंस एंड एजुकेशन सोसायटी को बेचने में की गई साढ़े आठ करोड़ की गड़बड़ी के आरोप में कोलार पुलिस ने एडवांस मेडिकल कॉलेज के पूर्व संचालक को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उन्होंने शहर के एक कारोबारी से कॉलेज बेचने के लिए साढ़े आठ करोड़ रुपए एडवांस लिए। वादा था कि कॉलेज एमसीआई से मान्यता प्राप्त है और सोसायटी का मेंबर बनाने के तीन महीने बाद कारोबारी को चेयरमैन बना दिया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
ये गड़बड़ी मालवीय नगर में रहने वाले 42 वर्षीय डॉ. एसडी सिंह तोमर के साथ हुई थी। 22 जून 2015 को उन्होंने अस्पताल को संचालित करने वाली सोसायटी के चेयरमैन डॉ. एनके शर्मा के साथ एक अनुबंध साइन किया था। इसके तहत साठ करोड़ रुपए में अस्पताल, मेडिकल उपकरण और फर्नीचर डॉ. तोमर के नाम होने थे।
नहीं बनाया चेयरमैन, फोन उठाना भी बंद
करार हुआ था कि तीन महीने तक डॉ. तोमर सोसायटी के मेंबर रहेंगे फिर उन्हें चेयरमैन बना दिया जाएगा। इसके एवज में डॉ. तोमर ने शर्मा को 8.60 करोड़ रुपए चेक और कैश के जरिए एडवांस के रूप में दे दिए। अनुबंध के तहत उन्हें मेंबर तो बना लिया गया, लेकिन चेयरमैन अब तक नहीं बनाया गया है। कुछ दिन बाद डॉ. शर्मा ने डॉ. तोमर के फोन रिसीव करने भी बंद कर दिए। शक हुआ तो उन्होंने रजिस्ट्रार दफ्तर दिल्ली से जानकारी निकलवाई। पता चला कि दोनों के बीच हुए अनुबंध को रद्द कर दिया गया है और तोमर के पक्ष में सोसायटी ट्रांसफर की कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
डॉ. तोमर की शिकायत पर कोलार पुलिस ने आठ जुलाई 2016 को डॉ. शर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। हवलदार मनोज शर्मा के मुताबिक एक चेक बाउंस के मामले में डॉ. शर्मा अदालत पहुंचे थे। इसी बीच पुलिस को सूचना मिल गई। वे जैसे ही अदालत से बाहर निकले उन्हें धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया।
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