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फोर्टिस हेल्थकेयर बोर्ड आज जारी कर सकता है वित्तीय नतीजे, शेयर में 2% की तेजी

जनवरी-मार्च तिमाही और पूरे वित्त वर्ष के नतीजे जारी किए जाएंगे।

Danik Bhaskar | Jun 25, 2018, 11:52 AM IST
  • फोर्टिस हेल्थकेयर अपोलो के बाद देश की दूसरी सबसे बड़ी अस्पताल चेन है
  • 2001 में मोहाली में पहला अस्पताल शुरु किया, इसके बाद तेजी से विस्तार किया

नई दिल्ली. फोर्टिस हेल्थकेयर बोर्ड आज वित्तीय नतीजों को मंजूरी दे सकता है। वित्त वर्ष 2017-18 की जनवरी-मार्च तिमाही और पूरे साल के नतीजे अभी तक जारी नहीं किए गए हैं। 11 जून को हुई बैठक में कंपनी बोर्ड ने इसे 25 जून के लिए टाल दिया।

शेयर में 2 फीसदी उछाल
बीएसई पर फोर्टिस हेल्थकेयर का शेयर 1.95% तेजी के साथ 140.85 पर वहीं एनएसई पर 1.76% चढ़कर 141.65 पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान शेयर ने बीएसई पर 143.70 का हाई बनाया। एनएसई पर शेयर 143.75 के ऊपरी स्तर तक चढ़ा।

दो बार टल चुके हैं नतीजे
11 जून की बैठक के बाद कंपनी ने कहा था कि वित्तीय अनियमितताओं की आंतरिक जांच के नतीजों की समीक्षा के लिए और वक्त चाहिए। इससे पहले 30 मई को वित्तीय नतीजों को मंजूरी दी जानी थी लेकिन इसे 11 जून तक टाल दिया गया।

फोर्टिस के लिए 28 जून तक बोली लगा सकते हैं निवेशक
फोर्टिस हेल्थकेयर ने खरीदारों के लिए बोली की डेडलाइन बढ़ाकर 28 जून कर दी। इससे पहले ये समय सीमा 14 जून तक थी। पिछले महीने फोर्टिस हेल्थकेयर ने नए सिरे से बोली प्रक्रिया शुरू करने के बाद चार निवेशकों को शॉर्टलिस्ट किया। इनमें मुंजाल-बर्मन, मनिपाल-टीजीपी कंसोर्टियम, मलेशिया की आईएचएच हेल्थकेयर और रेडिएंट लाइफ केयर शामिल हैं।

बोली के लिए शर्तें
- प्रेफरेंशियल शेयर अलॉटमेंट के जरिए कम से कम 1,500 करोड़ रुपए का निवेश करना होगा

- आरएचटी हेल्थकेयर ट्रस्ट के अधिग्रहण के लिए फंडिंग का प्लान

- फोर्टिस की डायग्नोस्टिक फर्म एसआरएल से निजी इक्विटी निवेशकों को निकलने का मौका देने का प्लान

- बोली में शर्त नहीं होनी चाहिए, फंडिंग के सोर्स की जानकारी होनी चाहिए

- मौजूदा प्रबंधन और कर्मचारियों को बनाए रखने के लिए विस्तृत योजना


फोर्टिस बोर्ड में बदलाव: 4 डायरेक्टर बाहर, 3 नए शामिल
10 मई को मुंजाल-बर्मन के प्रस्ताव पर सहमति जताने वाले 4 डायरेक्टर फोर्टिस बोर्ड से बाहर हो चुके हैं। हरपाल सिंह, सबीना वैसोहा, और तेजिंदर सिंह गिल ने 22 मई की ईजीएम से पहले खुद ही इस्तीफा दे दिया था। ब्रायन टेम्पेस्ट को शेयरधारकों ने वोटिंग के जरिए बाहर कर दिया। इन चारों पर शेयरधारकों के हितों में काम नहीं करने के आरोप लगे थे। सुवालक्ष्मी चक्रबर्ती, रवि राजगोपाल और इंद्रजीत बनर्जी स्वतंत्र निदेशक के तौर पर कंपनी बोर्ड में शामिल हुए हैं।