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डाउनलोड करें- दिल की बीमारी से पीड़ित महिला को मई, 2017 में इलाज के लिए अस्पताल लाया गया था।
- पति ने लापरवाही की शिकायत की, फिर गुड़गांव पुलिस ने सिविल सर्जन से इसकी जांच कराई।
गुड़गांव. हरियाणा पुलिस ने इलाज में लापरवाही बतरने के आरोप में शुक्रवार को फोर्टिस अस्पताल के 2 डॉक्टरों को गिरफ्तार किया। इलाज के दौरान महिला की मौत के बाद उसके पति ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया था। इसकी जांच के आधार पर गुड़गांव के सुशांत लोक पुलिस स्टेशन में केस दर्ज हुआ। महिला को सीने में दर्द के बाद पिछले साल मई में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बता दें कि अगस्त, 2017 में भी अस्पताल ने डेंगू के इलाज के बदले फैमिली को 15 लाख का बिल थमाया था।
डॉक्टरों ने वक्त रहते सही इलाज नहीं किया
- गुड़गांव पुलिस के मुताबिक, 51 साल की सीमा घई को हार्ट की बीमारी थी, जिसे मई में इलाज के लिए फोर्टिस अस्पताल लाया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
- पति का आरोप था कि पत्नी दर्द से तड़प रही थी, लेकिन डॉक्टरों ने वक्त रहते उसे इमरजेंसी लाइफ सेविंग मेडिसिन नहीं दीं। इसके बाद अस्पताल के खिलाफ शिकायत दी गई।
सिविल सर्जन की रिपोर्ट में लापरवाही का जिक्र
- पुलिस ने सिविल सर्जन से मामले की जांच कराई। फरवरी में आई उनकी रिपोर्ट में बताया गया है कि इमरजेंसी में मौजूद डॉक्टरों की लापरवाही के चलते महिला की जान गई।
- सिविल सर्जन की रिपोर्ट के आधार पर 30 मार्च को पुलिस ने फोर्टिस अस्पताल के डॉक्टर एसएस मूर्ति और वीएन राजू के खिलाफ केस दर्ज किया। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया।
डेंगू के इलाज का 15 लाख बिल देने पर दर्ज हुआ था केस
- फोर्टिस अस्पताल पर दिल्ली के द्वारका की रहने वाली आद्या (7 साल) की फैमिली ने भी लापरवाही और बेहिसाब बिल देने का आरोप लगाया था। इस बच्ची को डेंगू बुखार के बाद 31 अगस्त को भर्ती कराया गया था। जहां 15 दिन इलाज के बाद उसकी मौत हो गई थी।
- इसके बाद अस्पताल की ओर से फैमिली को 15 लाख से ज्यादा का बिल थमाया गया। मीडिया में मामला उठाए जाने पर हरियाणा सरकार ने जांच कराई और अस्पताल प्रशासन पर केस भी दर्ज कराया।
- इस मामले के बाद हरियाणा फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने फोर्टिस के ब्लड बैंक और आईपीडी फार्मेसी का लाइसेंस सस्पेंड कर दिया था।
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