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डाउनलोड करेंपेरिस. फ्रांस सरकार ने मनचलों को रोकने के लिए यौन उत्पीड़न कानून को कड़ा किया है। इसके तहत अब लड़कियों को देखकर सीटी बजाना, भद्दे कमेंट पास करना, उनके नंबर मांगना, पीछा करना अपराध की श्रेणी में आएगा। इसके अलावा बिल में लिखा गया है कि हर वो कृत्य जो महिलाओं की आजादी का उल्लंघन करता है और उनके आत्मसम्मान और सुरक्षा के अधिकार को कम करता है, इस कानून के दायरे में आएगी। ऐसा करते पकड़े जाने पर 750 यूरो यानी 60 हजार रुपए का जुर्माना लगेगा। संसद में पास हुआ कानून...
- फ्रांस की संसद ने बुधवार रात इस कानून को पास किया। सांसदों का कहना है कि इस नए कानून से लड़कियों से साथ बढ़ रही छेड़छाड़ की घटनाओं को रोकने में मदद मिलेगी।
- इसके जरिए राष्ट्रपति मैक्रों घर से बाहर महिलाओं को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना चाहते हैं। पिछले साल एक सर्वे आने के बाद कानून को कड़ा करने के लिए पांच सांसदों की कमेटी बनाई गई थी।
- इस सर्वे के मुताबिक देश की सभी महिलाओं को सार्वजनिक जगहों पर बदसलूकी का सामना करना पड़ा। इसमें से 50% से ज्यादा लोगों ने कहा था कि उनके साथ पहली बार छेड़खानी तब हुई, जब वो 18 साल से कम उम्र की थी। यानी नाबालिग थी। इससे वो परेशन होती हैं। पर कुछ नहीं कर सकती, क्योंकि यहां माना जाता है कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है।
- यूरोपीय देशों में बेल्जियम, पुर्तगाल जैसे कुछ देशों में इस तरह के कानून हैं, जिसमें उन हरकतों को चिह्नित किया गया है, जो यौन उत्पीड़न की श्रेणी में आते हैं। हालांकि सोशल मीडिया पर लोग इस नए कानून की आलोचना भी कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि यह कानून फ्रेंच रोमांस को खत्म कर देगा। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि फ्रांस में इस कानून का पालन संभव नहीं है।
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