पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर
डाउनलोड करेंक्या कोई फ़्रिज अवांछनीय यानी फर्ज़ी ईमेल या स्पैम मेल भेज सकता है? एक ऐसे ही फ़्रिज का पता चला है जिससे इंटरनेट पर हमले के बाद निकले स्पैम मेल ने कई स्मार्ट गैजेट को प्रभावित किया.
यह फ़्रिज उन एक लाख से ज़्यादा उपकरणों में से एक था, जिन्हें स्पैम अभियान का हिस्सा बनाया गया था.
सिक्योरिटी कंपनी प्रूफ़ प्वाइंट ने इस हमले का पता लगाया, जिसने कई कंप्यूटरों, घरों के राउटरों, मीडिया पीसी और स्मार्ट टीवी सेटों को अपनी चपेट में ले लिया था.
माना जाता है कि यह हमला इन उपकरणों की कमज़ोर सुरक्षा में सेंध लगाने का पहला वाकया था जिन्हें इंटरनेट से जुड़ा माना जाता है.
ख़राब सुरक्षाप्रूफ़ प्वाइंट के मुताबिक़ स्पैम हमले 23 दिसंबर 2013 से इस साल 6 जनवरी के बीच हुए. उनके अनुसार कुल मिलाकर क़रीब साढ़े सात लाख मैसेज जंक मेल के रूप में भेजे गए. और ये सभी ईमेल इन्हीं असुरक्षित गैजेट के ज़रिए भेजे गए.
प्रूफ़ प्वाइंट ने जिन मैसेजों की पड़ताल की, उनमें से 25 फ़ीसदी लैपटॉप, डेस्कटॉप या स्मार्टफ़ोनों से नहीं भेजे गए थे.
इसके बजाय मैलवेयर यानी मशीनों को भ्रष्ट करने वाला सॉफ़्टवेयर रसोई के उपकरणों, घरेलू मीडिया सिस्टम को भेदने में कामयाब रहा, जिन पर या तो डीवीडी कॉपी की जाती हैं या वो टीवी जो इंटरनेट से जुड़े हैं.
इनमें से कई गैजेटों में कंप्यूटर प्रॉसेसर लगे होते हैं जो खुद संवाद को लाने ले जाने के अलावा दूसरे कार्यकलापों के लिए खुद इंटरनेट सर्वर की भूमिका निभाते हैं.
भविष्य में ख़तराप्रूफ़ प्वाइंट के जनरल मैनेजर डेविड नाइट के मुताबिक़ हमले में शामिल इंटरनेट पतों की पड़ताल में प्रूफ़ प्वाइंट कंपनी को कुछ स्मार्ट गैजेट का पता चला.
उन्होंने बीबीसी को बताया, \"ये परिणाम ख़ुद अपनी कहानी बता रहे थे क्योंकि कई इंटरनेट पतों से उनकी पहचान हो गई. इनमें से कई में जाने-पहचाने फ़ाइल के ढांचे और सामग्री शामिल थी.
नाइट ने अनुमान लगाया है कि जिस मैलवेयर ने स्पैम भेजने में भूमिका निभाई वह ख़ुद कई गैजेट में इंस्टॉल हो गया क्योंकि कई गैजेट ग़लत ढंग से बने थे या उनमें डिफ़ॉल्ट पासवर्ड्स का इस्तेमाल किया गया जिनकी वजह से वे असुरक्षित बन गए थे.
उन्होंने बताया कि इंटरनेट पर कई हमले भविष्य में आम बात हो जाएगी क्योंकि घरों में ऐसे गैजेटों का इस्तेमाल और बढ़ेगा और उन्हें इंटरनेट के ज़रिए संचालित किया जाएगा.
(बीबीसी हिन्दी के क्लिक करें एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)
Copyright © 2021-22 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.