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अंतिम सफर से पहले पिता भय्यूजी महाराज को यूं देखती रही बेटी कुहू, पत्नी आयूुषी भी बदहवास

भय्यू महाराज ने मंगलवार दोपहर अपने स्प्रिंग वैली स्थित घर पर गोली मारकर खुदकुशी कर ली।

Dainik Bhaskar

Jun 13, 2018, 01:11 PM IST
पिता भय्यू महाराज को आखिरी बार देखती हुई बेटी कुहू पिता भय्यू महाराज को आखिरी बार देखती हुई बेटी कुहू

इंदौर. बुधवार को भय्यू महाराज का अंतिम संस्कार कर दिया गया। अंतिम यात्रा उनके सर्वोदय आश्रम से रवाना हुई, जो 2.52 बजे भमोरी मुक्तिधाम पहुंची। फूलों से सजे वाहन में जैसे ही भय्यू महाराज की अंतिम यात्रा निकली पत्नी आयुषी बिलखते हुए बदहवास हो गईं। बेटी कुहू शव वाहन में पिता के पास पूरे समय बैठी रही। इससे पहले सुबह 9 बजे बॉम्बे अस्पताल से पार्थिव देह को आश्रम लाया गया। जहां हजारों लोगों ने अंतिम दर्शन कर उन्हें श्रद्धाजंलि दी। महाराष्ट्र और मप्र से कई मंत्री और नेता सहित बड़ी संख्या में उनके भक्त पहुंचे। बता दें कि भय्यू महाराज ने मंगलवार दोपहर अपने स्प्रिंग वैली स्थित घर पर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। दूसरा सुसाइड नोट मिला...

- डीआईजी हरिनारायणाचारी मिश्र ने बताया, पुलिस वैज्ञानिक तरीके से पूरे मामले की जांच कर रही है। परिजनों की स्थिति ऐसी नहीं है कि अभी बयान रिकॉर्ड की जाए।

- पुलिस के मुताबिक, भय्यू महाराज का दूसरा सुसाइड नोट मिला है। जिसमें सेवादार विनायक का जिक्र है। विनायक 16 साल से उनके साथ था। सोमवार को भय्यू महाराज से राऊ के होटल में जो महिला मिली थी, वह बच्चे के एडमिशन से जुड़े मामले के लिए आई थी। पुलिस मोबाइल कॉल डिटेल के साथ ही हर पहलू पर जांच कर रही है।

सुसाइड नोट में क्या?

- 'पारिवारिक जिम्मेदारी संभालने के लिए यहां कोई होना चाहिए, 'मैं बहुत तनाव में हूं। थक चुका हूं, इसलिए जा रहा हूं। विनायक मेरा विश्वासपात्र है। सब प्रॉपर्टी इन्वेस्टमेंट वही संभाले। किसी को तो परिवार की ड्यूटी करनी जरूरी है तो वही करेगा। मुझे उस पर विश्वास है। मैं कमरे में अकेला हूं और सुसाइड नोट लिख रहा हूं। किसी के दबाव में आकर नहीं लिख रहा हूं। कोई इसके लिए जिम्मेदार नहीं है।'

पहली पत्नी की मौत के डेढ़ साल बाद की थी दूसरी शादी

- भय्यू महाराज की पहली पत्नी माधवी का नवंबर 2015 में पुणे में निधन हो गया था। वे महाराष्ट्र के औरंगाबाद की रहने वाली थीं। पहली शादी से उनकी एक बेटी कुहू (18) है। वो पुणे में पढ़ाई कर रही है। भय्यू महाराज ने 30 अप्रैल 2017 को मध्य प्रदेश के शिवपुरी की डॉ. आयुषी के साथ दूसरी शादी की थी।

कर्ज में डूबा बताकर सार्वजनिक जीवन से संन्यास लिया था
- महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में उनका खासा प्रभाव था। उन्होंने खुद को कर्ज में डूबा हुआ बताकर सार्वजनिक जीवन से संन्यास लेने का ऐलान किया था। संन्यास के बावजूद उनके सार्वजनिक और आध्यात्मिक कार्य संचालित होते रहे। सिंहस्थ से पहले हुए धर्म सम्मेलन में सरकार द्वारा नहीं बुलाने पर वे नाराज हो गए थे।

राज्य मंत्री का दर्जा ठुकराया था
- मध्य प्रदेश सरकार के 2 जुलाई 2017 को 6.67 करोड़ पौधे लगाने के दावे को महाघोटाला करार देकर कुछ संतों ने ‘नर्मदा घोटाला रथ यात्रा’ निकालने का ऐलान किया था। इनमें नर्मदानंदजी, हरिहरानंदजी, कंप्यूटर बाबा, भय्यू महाराज और पं. योगेंद्र महंत शामिल थे।
- राज्य सरकार ने अप्रैल 2018 में इन सभी को राज्यमंत्री का दर्जा दिया। हालांकि, भय्यू महाराज ने सरकार के इस ऑफर को लेने से मना कर दिया। उन्होंने कहा था कि वे नर्मदा मैया की सेवा बिना किसी पद के साथ भी करते रहेंगे।

मोदी, अण्णा हजारे का अनशन तुड़वाने पर सुर्खियों में आए
- भय्यू महाराज 2011 में तब चर्चा में आए जब यूपीए सरकार ने उन्हें दूत बनाकर अन्ना हजारे के अनशन खत्म करवाने के लिए भेजा था। बाद में अन्ना ने उनके हाथ से जूस पीकर अनशन तोड़ा था। उस वक्त उनके साथ महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख भी थे।
- सितंबर 2011 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी सद्भावना उपवास पर बैठे थे। तब उपवास खुलवाने के लिए उन्होंने भय्यू महाराज को आमंत्रित किया था।

प्रतिभा पाटिल से शरद पवार तक आ चुके उनके आश्रम
- पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विलासराव देखमुख, शरद पवार, लता मंगेशकर, उद्धव ठाकरे, राज ठाकरे, आशा भोंसले, अनुराधा पौडवाल और फिल्म एक्टर मिलिंद गुणाजी भी उनके आश्रम आ चुके हैं।


जमींदार परिवार से रखते थे ताल्लुक
- 1968 को जन्मे भय्यू महाराज का मूल नाम उदयसिंह देखमुख था। वे शुजालपुर के जमींदार परिवार से ताल्लुक रखते थे।
- भय्यू महाराज ने कभी कपड़ों के एक ब्रांड के विज्ञापन के लिए मॉडलिंग भी की थी। सद्गुरु दत्त धार्मिक ट्रस्ट उनकी ही देखरेख में चलता था। उनका मुख्य आश्रम इंदौर के बापट चौराहे पर है।

भय्यू महाराज के पार्थिव शरीर को उठाते ही बदहावस हुई पत्नी भय्यू महाराज के पार्थिव शरीर को उठाते ही बदहावस हुई पत्नी
भय्यू महाराज के आखिर दर्शन करने के लिए उमड़ी भीड़ भय्यू महाराज के आखिर दर्शन करने के लिए उमड़ी भीड़
भय्यू महाराज के पास बैठी बदहवास पत्नी आयुषी (पीली साड़ी में) भय्यू महाराज के पास बैठी बदहवास पत्नी आयुषी (पीली साड़ी में)
भय्यूजी महाराज की अंतिम यात्रा, Funeral Of Bhayyu Maharaj he commits suicide by Shooting Himself
भय्यूजी महाराज की अंतिम यात्रा, Funeral Of Bhayyu Maharaj he commits suicide by Shooting Himself
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पिता भय्यू महाराज को आखिरी बार देखती हुई बेटी कुहूपिता भय्यू महाराज को आखिरी बार देखती हुई बेटी कुहू
भय्यू महाराज के पार्थिव शरीर को उठाते ही बदहावस हुई पत्नीभय्यू महाराज के पार्थिव शरीर को उठाते ही बदहावस हुई पत्नी
भय्यू महाराज के आखिर दर्शन करने के लिए उमड़ी भीड़भय्यू महाराज के आखिर दर्शन करने के लिए उमड़ी भीड़
भय्यू महाराज के पास बैठी बदहवास पत्नी आयुषी (पीली साड़ी में)भय्यू महाराज के पास बैठी बदहवास पत्नी आयुषी (पीली साड़ी में)
भय्यूजी महाराज की अंतिम यात्रा, Funeral Of Bhayyu Maharaj he commits suicide by Shooting Himself
भय्यूजी महाराज की अंतिम यात्रा, Funeral Of Bhayyu Maharaj he commits suicide by Shooting Himself
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