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गणेश चतुर्थी विशेष /बप्पा को लगाएं केसरिया-पेठा, मावा और नारियल मोदक का भोग, घर पर आसानी से तैयार करें

गणेश उत्सव 13 से 23 सितंबर तक चलेगा। इस मौके पर भगवान गणेश को प्रसन्न करने के लिए मोदक का भोग लगाने की परंपरा है। मोदक भगवान गणेश का पसंदीदा भोग भी माना जाता है।

Danik Bhaskar | Sep 13, 2018, 11:43 PM IST

मुजफ्फरपुर.   अखाड़ाघाट पुल के पास मंगलवार रात करीब साढ़े आठ बजे गल्ला व चावल कारोबारी नवल गुप्ता के मुंशी बलिराम कुमार को बाइक सवार तीन अपराधियों ने लूटपाट के दौरान गोली मार दी। 

 

वह बाजार समिति से दुकान बंद कर बाइक से गरीबनाथ मंदिर के पीछे स्थित गल्ला व्यवसायी के घर पर हिसाब देने जा रहा था। अखाड़ाघाट पुल के पास पहुंचते पीछा कर रहे अपराधियों ने जांघ में गोली मारी। बलिराम बाइक से गिर गया तो अपराधियों ने हैंडल में लटके झोला को झपट लिया। इसका जब मुंशी ने विरोध किया तो पिस्टल के बट से मारकर उसका सिर फोड़ दिया। 

 

राहगीर गोली की आवाज सुनकर दोनों तरफ रुक गए। घायल मुंशी को एसकेएमसीएच में भर्ती कराया गया है। झोले में कितना रुपया था, यह मुंशी नहीं बता पाया। संभावना है कि झोले में काफी रुपए रहा होगा। लेकिन, इसका खुलासा व्यवसायी व मुंशी नहीं कर रहे हैं। इधर, एसएसपी हरप्रीत कौर ने बताया कि मुंशी के झोले में रुपए नहीं थे, केवल चाबी और कुछ कागजात थे। 

 

तीनों अपराधी शेखपुर की ओर भाग निकले 
शाम में बलिराम दुकान बंद करके निकला। बाजार समिति के गेट से ही अपराधियों ने उसका पीछा शुरू कर दिया। गोली मारने के बाद बाइक सवार तीनों अपराधी शेखपुर की ओर भाग निकले। मुंशी मुख्य रूप से सकरा के बरियारपुर का निवासी बताया जा रह है। अहियापुर में किराए के मकान में परिवार के साथ रहता है। 

 

मुंशी को गोली लगने की सूचना के बाद व्यवसायी नवल गुप्ता कई अन्य कारोबारियों के साथ पहुंचे। उनका बाजार समिति के अलावा गोला पर भी गल्ला की दुकान है। बाजार समिति वाली दुकान पर नवल गुप्ता का पुत्र बैठता है। वह शाम पांच बजे के करीब निकल चुका था। घायल मुंशी बलिराम उनका पुराना स्टाफ है। 

 

बाइक सवार अपराधियों ने घटना को अंजाम दिया है। मुंशी की जांघ में गोली लगी है। वह खतरे से बाहर है। रुपए लूट की शिकायत नहीं की गई है। अपराधी बाइक के हैंडल से झोला ले गए, उसमें केवल दुकान की चाबी थी। मुंशी से प्रारंभिक पूछताछ करने के बाद हुलिया के आधार पर अपराधियों को पकड़ने के लिए छापेमारी चल रही है। 
हरप्रीत कौर, एसएसपी

  • केसरिया पेठा मोदक 

    केसरिया पेठा मोदक 

    सामग्री... मैदा- 2 कटोरी, घी- तलने के लिए और दो चम्मच मोयन के लिए। भरावन के लिए- केसरिया पेठा- 200 ग्राम, नारियल का चूरा- 150 ग्राम, सूखे मेवे की कतरन- 2 बड़े चम्मच (बादाम, काजू, पिस्ते)। 
    विधि... मैदे में मोयन डालकर अच्छी तरह से मिला दें। दूध की सहायता से मैदे को सख़्त गूंथ लें। पेठे को कद्दूकस करके उसमें नारियल का बुरादा और मेवे की कतरन मिलाकर मिश्रण तैयार कर लें। आटे की छोटी लोई बेलकर उसमें तैयार मिश्रण भरकर पोटली की तरह बंद कर दें। कड़ाही में घी गर्म करके मोदक को धीमी आंच पर तल लें। प्लेट में निकालकर ऊपर से सूखे मेवे से सजाकर भोग लगाएं। 

  • मावा-गुड़ मोदक 

    मावा-गुड़ मोदक 

    सामग्री... आटा- 2 कटोरी, घी या तेल- तलने और मोयन के लिए। भरावन के लिए- गुड़ 1 कटोरी कसा हुआ, नारियल- 2 चम्मच (कीसा हुआ), सूखे मेवे- 2 चम्मच (कतरन), इलायची पाउडर- 1/2 छोटा चम्मच, भुना हुआ आटा- 4 छोटे चम्मच। 
    विधि... आटे में मोयन डालकर अच्छी तरह से मिला लें और पानी की सहायता से सख़्त गूंथ लें। अब घिसा हुआ गुड़, नारियल, सूखे मेवे की कतरन, भुना हुआ आटा, इलायची पाउडर को मिलाकर मिश्रण तैयार कर लें। अब गूंधे हुए आटे की छोटी लोई बनाकर थोड़ा सा बेलें। उसमें भरावन सामग्री भरकर मोदक का आकार देकर बंद करें। कड़ाही में तेल या घी गर्म करके मोदक को तलें। सर्व करते समय ऊपर से सूखा नारियल बूरा डाल सकते हैं। 

  • अंजीरी मोदक 

    अंजीरी मोदक 

    सामग्री... अंजीर- 4-5 (दूध में भिगोए हुए), मेवे की कतरन- 4 बड़े चम्मच, शक्कर- 1/2 कटोरी, मैदा- 2 कटोरी, घी- मोयन और तलने लिए, चाशनी- 1 कटोरी। 
    विधि... मैदे में मोयन डालकर दूध या पानी की सहायता से गूंथ लें। भीगे अंजीर को मिक्सी में पीस लें। एक पैन में थोड़ा-सा घी डालकर अंजीर के सूखने तक भून लें। इसमें शक्कर और सूखे मेवे मिलाकर मिश्रण को ठंडा होने के लिए रख देें। आटे की लोई बेलकर उसमें अंजीर का मिश्रण भरकर पोटली की तरह बंद करें। कड़ाही में घी गर्म करके धीमी आंच पर तल लें। चाशनी में डुबोकर ऊपर से सूखे मेवे डालकर भोग लगाएं।

  • मावा-कोकोनट मोदक ​​​​​​​

    मावा-कोकोनट मोदक ​​​​​​​

    सामग्री... मैदा- 2 कटोरी, घी या तेल मोयन और तलने के लिए। भरावन के लिए- गीला नारियल- 1 कप (कीसा हुआ), खोया- 1/2 कप, शक्कर- डेढ़ कप, सूखे मेवे- 2 बड़े चम्मच (कतरन), घी- 2 बड़े चम्मच, खसखस- 1/2 छोटी चम्मच (भुनी हुई), इलायची पाउडर- 1/2 छोटा चम्मच। चाशनी के लिए- शक्कर- 1 कप, पानी- 1/2 कप, खाने वाला केसरिया रंग चुटकीभर, सजाने के लिए सूखे मेवे का चूरा (पिस्ता, बादाम, काजू, चिरौंजी), टूटी फ्रूटी- 1 बड़ा चम्मच, चांदी का वर्क। 
    विधि... मैदे में मोयन मिलाकर पानी की सहायता से गूंथ लें। एक पैन में घी गर्म करके घिसा हुआ नारियल डालकर भूने फिर उसमें शक्कर मिलाएं। जब गाढ़ा मिश्रण बन जाए तब उसमें खोया मिलाएं और कुछ देर भूनें। मिश्रण में इलायची, टूटी-फ्रूटी और सूखे मेवे की कतरन डालकर आंच से उतारकर ठंडा कर लें। तीन तार की चाशनी बनाएं और उसमें ज़रा सा खाने वाला रंग मिला दें। गूंथे आटे की लोई बेलकर उसमें ठंडा मिश्रण भर दें। पोटली की तरह बंद करके मोदक का आकार दें और गर्म घी या तेल में तल दें। तलकर चाशनी में डुबोकर निकाल लें। सजावट के लिए सूखे मेवे का चूरा डाल दें।