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आज है खास तिथि, रात से पहले कर लें गणेशजी के साथ ही महालक्ष्मी का उपाय

घर की सुख-समृद्धि के लिए चतुर्थी पर करते है गणेशजी की पूजा

Danik Bhaskar | May 17, 2018, 06:18 PM IST

रिलिजन डेस्क. हिन्दी पंचांग के अनुसार अभी ज्येष्ठ मास का अधिक मास चल रहा है। शुक्रवार, 18 मई 2018 अधिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी है। इस चतुर्थी को विनायकी चतुर्थी कहा जाता है। इसके स्वामी गणेशजी हैं। इस बार शुक्रवार को ये तिथि होने से इस दिन गणेशजी के साथ ही शुक्र ग्रह और महालक्ष्मी के लिए विशेष उपाय किए जा सकते हैं। इन उपायों से कुंडली के कई दोष दूर हो सकते हैं। इस दिन गणेशजी के लिए व्रत-उपवास और पूजा-पाठ करने से घर में सुख-समृद्धि बढ़ती है और आर्थिक लाभ मिलने के योग बन सकते हैं। साथ ही, ज्ञान और बुद्धि भी बढ़ते हैं।

यहां जानिए उज्जैन के इंद्रेश्वर महादेव मंदिर के पुजारी पं. सुनील नागर के अनुसार विनायकी चतुर्थी पर गणेशजी को कैसे प्रसन्न कर सकते हैं। पं. सुनील नागर करीब 12 वर्षों से पूजा-पाठ और ज्योतिष के क्षेत्र में काम कर रहे हैं।

> गणेशजी की सामान्य पूजा विधि

- स्नान आदि कर्मों के बाद घर के मंदिर में सोने, चांदी, तांबे, पीतल या मिट्टी से बनी भगवान गणेश प्रतिमा स्थापित करें। श्रीगणेश की पूजा करें। मूर्ति पर सिंदूर चढ़ाएं।

- गणेश मंत्र (ऊं गं गणपतयै नम:) बोलते हुए 21 दूर्वा चढ़ाएं।

- गुड़ या बूंदी के 21 लड्डुओं का भोग लगाएं। पूजा के बाद लड्डू अन्य भक्तों को बांट दें।

- पूजा में भगवान श्रीगणेश स्त्रोत, अथर्वशीर्ष या संकटनाशक स्त्रोत आदि का पाठ करें। अगर आप चाहें तो गणेशजी के 12 नामों का जाप भी कर सकते हैं।

- घर में ब्राह्मणों को भोजन कराएं और दक्षिणा दें।

> गणेशजी के 12 नाम मंत्रों का करें जाप

- इस चतुर्थी पर गणेशजी की पूजा करें और उनके 12 खास नाम मंत्रों का जाप 108 बार करें।

ये हैं 12 नाम मंत्र- ऊँ सुमुखाय नम:, ऊँ एकदंताय नम:, ऊँ कपिलाय नम:, ऊँ गजकर्णाय नम:, ऊँ लंबोदराय नम:, ऊँ विकटाय नम:, ऊँ विघ्ननाशाय नम:, ऊँ विनायकाय नम:, ऊँ धूम्रकेतवे नम:, ऊँ गणाध्यक्षाय नम:, ऊँ भालचंद्राय नम:, ऊँ गजाननाय नम:।

- इन नाम मंत्रों का जाप और गणेशजी की पूजा के बाद अन्यों भक्तों को प्रसाद बांटें। गणेशजी से दुख दूर करने की प्रार्थना करें।

> महालक्ष्मी की कृपा पाने के लिए

इस दिन गणेशजी की पूजा के साथ देवी लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा भी करें। पूजा में पीली कौड़ी, दक्षिणावर्ती शंख, गोमती चक्र, कमल गट्टे की माला भी रखें।

> शुक्र ग्रह के लिए

इस दिन शिवलिंग पर चांदी के लोटे से दूध चढ़ाएं। ऊँ नम: शिवाय मंत्र का जाप करें।

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