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गंगा दशहरा 24 मई को, पीपल पर गंगा जल चढ़ाने से दूर हो सकता है शनि दोष

इस दिन गंगा स्नान व पूजन से दस प्रकार के पापों (तीन कायिक, चार वाचिक व तीन मानसिक) का नाश होता है।

Dainik Bhaskar

May 22, 2018, 05:00 PM IST
Ganga Dashehra on 24th May, Measures of Ganges Water, Means of Astrology, Shani Dev

रिलिजन डेस्क। हिंदू धर्म में गंगा को सबसे पवित्र व पापों का नाश करने वाली नदी कहा गया है। गंगा देवनदी है, जो मनुष्य के कल्याण के लिए धरती पर आई है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रवीण द्विवेदी के अनुसार, ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को ही गंगा धरती पर आई थी। इसलिए इस दिन गंगा दशहरा का पर्व मनाया जाता है। इस दिन गंगा स्नान व पूजन से दस प्रकार के पापों (तीन कायिक, चार वाचिक व तीन मानसिक) का नाश होता है। इसीलिए इसे दशहरा कहते हैं-


ज्येष्ठे मासि सिते पक्षे दशमी हस्तसंयुता।
हरते दश पापानि तस्माद् दशहरा स्मृता।।
(ब्रह्मपुराण)



ये हैं गंगा जल के उपाय
गंगा दशहरा पर हम आपको गंगा जल से जुड़े कुछ आसान उपाय बता रहे हैं, जो इस प्रकार हैं…
1. जिस घर में निगेटिव शक्ति का असर हो, वहां सुबह-शाम गंगा जल छिड़कने से इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है।

2. अगर किसी व्यक्ति पर बुरी शक्ति का असर हो तो उस पर भी गंगा जल छिड़कना चाहिए। इससे पीड़ित व्यक्ति को आराम मिलता है।

3. गंगा जल को हमेशा पूजा स्थान पर रखना चाहिए, ऐसा करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है।

4. जिस घर में वास्तु दोष, वहां भी यदि रोज गंगा जल छिड़का जाए तो उस दोष की शांति संभव है।

5. पीपल पर गंगा जल चढ़ाने से शनिदेव में कमी आती है।

6. शिवलिंग का अभिषेक गंगा जल से करने पर सभी सुखों की प्राप्ति होती है।

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